January 29, 2026

पटना में नाले से अधेड़ का शव बरामद, शरीर पर चोट के निशान, पुलिस ने जेसीबी से निकाला

पटना। अगमकुआं थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक नाले से अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव की उम्र करीब 55 साल बताई जा रही है, हालांकि मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। यह घटना नंदलाल छपरा इलाके की है, जहां स्थानीय लोगों ने नाले में शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी।
शव को निकालने में आई कठिनाई
नाले में शव गहराई में फंसा हुआ था, इसलिए उसे बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। थाना प्रभारी नीरज कुमार पांडे ने बताया कि शव को निकालने के लिए जेसीबी मशीन का सहारा लेना पड़ा। घटना स्थल पर डायल 112 की टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद थी। शव निकालने के बाद आसपास के लोगों से मृतक की पहचान कराई गई, लेकिन कोई भी व्यक्ति उसे पहचान नहीं सका।
शव पर चोट के निशान और संदेह
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक के शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई गहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। हालांकि कुछ हल्के निशान मौजूद थे, जिससे पुलिस को मौत को लेकर संदेह हो रहा है। यही कारण है कि मामले को केवल हादसा मानकर छोड़ने के बजाय इसे संदिग्ध मौत की श्रेणी में लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि मौत स्वाभाविक है, हादसे की वजह से हुई है या फिर इसमें किसी तरह की साजिश शामिल है।
पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज
पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि मृतक को किसी ने जबरन नाले में फेंका था या वह खुद गिर गया। इसके अलावा नजदीकी थानों में हाल के दिनों में दर्ज हुए लापता व्यक्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि शव की पहचान हो सके। थाना प्रभारी का कहना है कि जब तक मृतक की पहचान नहीं हो जाती, तब तक मामले की तह तक पहुंचना मुश्किल होगा। पहचान हो जाने पर पुलिस मृतक के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की जांच कर पाएगी जिससे घटना के पीछे का कारण सामने आ सके।
निर्माण स्थलों पर भी जांच
इस घटना का एक और पहलू यह है कि जिस इलाके में शव मिला है, वहां कई सरकारी और गैर-सरकारी निर्माण कार्य चल रहे हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं मृतक कोई निर्माण श्रमिक तो नहीं था। अक्सर काम के सिलसिले में बाहर से आए मजदूरों की पहचान जल्दी नहीं हो पाती और ऐसे मामलों में परिजनों तक जानकारी पहुंचने में भी देरी हो जाती है। इसी वजह से पुलिस स्थानीय ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों से भी पूछताछ कर रही है कि कहीं उनके किसी मजदूर की गुमशुदगी तो दर्ज नहीं हुई है।
इलाके में फैली दहशत
नाले से शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। लोग घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। कुछ लोग इसे हादसा मान रहे हैं तो कुछ के अनुसार इसमें आपराधिक साजिश भी हो सकती है। पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि अफवाहें न फैलाएं और यदि मृतक के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को दें।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरें
फिलहाल पुलिस की पूरी जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट से यह तय होगा कि मौत डूबने से हुई या किसी और वजह से। अगर शरीर में जहर या नशीले पदार्थ के निशान मिलते हैं तो मामला और गंभीर हो जाएगा। वहीं, अगर डूबने से मौत की पुष्टि होती है तो यह देखना जरूरी होगा कि वह गलती से नाले में गिरा या उसे धक्का दिया गया। पटना में नाले से अधेड़ का शव मिलने की यह घटना कई सवाल खड़े करती है। मृतक की पहचान न होना, शरीर पर चोट के हल्के निशान मिलना और नाले जैसी जगह पर शव का बरामद होना, यह सभी बिंदु मामले को और उलझा रहे हैं। पुलिस फिलहाल मामले को गंभीरता से ले रही है और हर पहलू की जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि महानगरों में सुरक्षा और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। जब तक मृतक की पहचान और मौत का कारण सामने नहीं आता, तब तक यह रहस्य बना रहेगा। आने वाले दिनों में जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही इस घटना की सच्चाई उजागर हो पाएगी।

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