पटना के सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक, व्यक्त की गहरी संवेदना, घायलों के लिए की प्रार्थना

पटना। 23 अगस्त 2025 की सुबह पटना जिले के दनियावां-हिलसा स्टेट हाईवे पर एक दर्दनाक हादसा घटित हुआ। शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिगरियामा के पास ट्रक और ऑटो की सीधी टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई। ये सभी लोग नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलामा गांव के निवासी थे और गंगा स्नान के उद्देश्य से निकले थे। एक साथ आठ लोगों की असमय मृत्यु से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में इतनी बड़ी संख्या में जानों का जाना बेहद पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि उनका उपचार समय पर और सही ढंग से हो सके। सरकार की ओर से प्रशासन को सतर्क रहने और पीड़ित परिवारों तक सहायता पहुँचाने का आश्वासन भी दिया गया है।यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। बिहार के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मार्गों पर दुर्घटनाओं की घटनाएँ अक्सर सामने आती रहती हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहाँ लोग धार्मिक या सामाजिक कार्यों के लिए सामूहिक रूप से यात्रा करते हैं, वहाँ सड़क सुरक्षा की चुनौती और बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर बड़े और छोटे वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही, ओवरलोडिंग और तेज गति अक्सर ऐसे हादसों की वजह बनते हैं। इस घटना ने मलामा गांव के आठ परिवारों से उनके प्रियजनों को छीन लिया है। गंगा स्नान जैसा धार्मिक और पावन कार्य करने जा रहे लोगों की मृत्यु ने स्थानीय जनता को भी स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, ये लोग हर साल गंगा स्नान के लिए एक साथ जाते थे। लेकिन इस बार यह यात्रा उनके लिए आखिरी साबित हुई। दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। गांव में एक साथ कई शवों के पहुँचने से लोगों की आँखें नम हो गईं। हर तरफ गम और पीड़ा का वातावरण है। इस त्रासदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा उपायों को और कठोर बनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री का शोक संदेश न केवल संवेदना व्यक्त करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार सड़क हादसों की गंभीरता को समझ रही है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग देने के लिए तत्पर है। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
