पटना में 20 अगस्त को मेट्रो का होगा पहले ट्रायल रन, सितंबर तक शुरुआत का लक्ष्य, कई मानकों की होगी जांच

पटना। पटना मेट्रो का सपना अब साकार होने की ओर है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 20 अगस्त से पटना मेट्रो का पहला ट्रायल रन शुरू होने जा रहा है। यह ट्रायल राजधानी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर किया जाएगा। शुरुआत में 15 अगस्त को ही ट्रायल प्रस्तावित था, लेकिन डिपो और ट्रैक से जुड़ा कुछ काम अधूरा रह जाने के कारण इसे टालना पड़ा। अब सभी तकनीकी और संरचनात्मक कार्य पूरे कर लिए गए हैं और मेट्रो को पटरी पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई है।इस ट्रायल रन का उद्देश्य केवल मेट्रो को पटरी पर उतारना नहीं है, बल्कि हर तकनीकी मानक की बारीकी से जांच करना है। इसमें मेट्रो की रफ्तार, सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं को परखा जाएगा। केवल इन परीक्षणों में सफलता हासिल करने के बाद ही यात्रियों को मेट्रो की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यानी यह ट्रायल ही आगे मेट्रो संचालन की दिशा तय करेगा। पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य सितंबर के अंत तक आम जनता के लिए मेट्रो सेवा शुरू करना है। इसके लिए हर स्तर पर तेजी से काम हो रहा है। जिन कार्यों की वजह से देरी हुई, उन्हें अब पूरी तरह निपटा लिया गया है। पिछले महीने पटना मेट्रो के लिए तीन कोच राजधानी पहुंचाए गए। ये कोच पुणे से विशेष 74-74 चक्कों वाले भारी ट्रकों पर लादकर पटना लाए गए थे। इन ट्रकों की अधिकतम गति केवल 20 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित थी, जिसके कारण इन्हें पटना पहुंचने में करीब 8 से 9 दिन लगे। रास्ता भी विशेष तौर पर तय किया गया था—पटना-गया-डोभी मार्ग से इन कोचों को राजधानी में लाया गया। फिलहाल इन्हें आईएसबीटी डिपो में रखा गया है, जहां से इन्हें ट्रायल के लिए ट्रैक पर उतारा जाएगा। पटना जैसे तेजी से बढ़ते शहर के लिए मेट्रो सेवा की शुरुआत आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। यह न केवल राजधानी के ट्रैफिक दबाव को कम करेगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक सफर का विकल्प भी बनेगी। संक्षेप में कहा जाए तो 20 अगस्त से शुरू होने वाला ट्रायल रन पटना मेट्रो के इतिहास की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। यह केवल तकनीकी परीक्षण नहीं, बल्कि बिहार के लोगों के सपनों को साकार करने की ओर उठाया गया बड़ा कदम है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार सफल रहा, तो सितंबर के अंत तक राजधानी पटना देश के उन चुनिंदा शहरों की सूची में शामिल हो जाएगी, जहां आधुनिक मेट्रो रेल दौड़ रही है।

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