पटना में सहकारी संघों की भूमिका पर गंभीरता से होगी चर्चा, तैयारी तेज
पटना। देश के सभी प्रमुख सहकारी संघों का जमावड़ा 22 एवं 23 फरवरी को राजधानी पटना में लगेगा। सम्मेलन में आगामी वर्षों के सहकारी संघों का भविष्य तय किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के अधिक से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त कराना एवं किसानों की आमदनी दोगुनी करना है। उक्त बातें संवाददाता सम्मेलन में बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ लि. (कॉफ्फेड) के प्रबंध निदेशक-सह-राष्ट्रीय मत्स्यजीवी सहकारी संघ मर्यादित (फिश्कोफेड), नई दिल्ली के निदेशक ऋषिकेश कश्यप निषाद ने कहा।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन के प्रथम दिन देश के शीर्ष सहकारी संघों के निदेशक बोर्ड की बैठक में देश के नवनिर्माण में सहकारी संघों की भूमिका पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। वहीं दूसरे दिन यानी 23 फरवरी को बापू सभागार में सहकारी प्रतिनिधियों की बैठक होगी। जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय पशु पालन एवं मत्स्य मंत्री गिरिराज सिंह, कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह सहित सहकारी संघों से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगें। एक अनुमान के अनुसार राज्य के कोने से आने वाले लगभग 6 हजार प्रतिनिधि शामिल होगें।
उन्होंने बताया कि 22 को नैप्सकॉब, एनसीयूआई, नेफेड़, कृभको, फिश्कोफड के निदेशक मंडल की बैठक स्थानीय मौर्या होटल में होगी। इसके अलावे सेमिनार का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।़ समारोह का उद्धाटन मंत्री डॉ. प्रेम कुमार एवं राणा रणधीर सिंह करेंगें। इसके लिए काफी जोर-शोर से तैयारी चल रही है। राजधानी में तारणे द्वार बनाये जा रहे हैं। सम्मेलन में मछुआ समितियों, व्यापार मंडल एवं दूध उत्पादन समिति के हजारों प्रतिनिधि शामिल होंगे।


