February 25, 2026

पटना में 7 बीएलओ किए गए निलंबित, एसआईआर मे लापरवाही को लेकर हुई कार्रवाई

पटना। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और आदेशों की अवहेलना के आरोप में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। यह कार्य निर्वाचन आयोग की एक महत्वपूर्ण और समयबद्ध प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई चुनावी निष्पक्षता पर सीधा प्रभाव डाल सकती है।
सात बीएलओ पर कार्रवाई
जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी, पटना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, फतुहा विधानसभा क्षेत्र के चार और मोकामा विधानसभा क्षेत्र के तीन बीएलओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की और निर्वाचन प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतीं।
फतुहा विधानसभा क्षेत्र से निलंबित बीएलओ
फतुहा क्षेत्र से निलंबित बीएलओ में शामिल हैं:
1. ममता सिंह – शिक्षिका, उत्क्रमित महाविद्यालय शाहपुर (मतदान केंद्र संख्या 30 अनुपमा)
2. आरती कुमारी – प्राथमिक विद्यालय बोधाचक (मतदान केंद्र संख्या 86)
3. मिन्नी कुमारी – विशिष्ट शिक्षिका, उर्दू प्राथमिक विद्यालय सबलपुर (मतदान केंद्र संख्या 112)
4. जितेंद्र कुमार चौधरी – शिक्षक सेवक, उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय बड्डूपुर (मतदान केंद्र संख्या 173)
मोकामा विधानसभा क्षेत्र से निलंबित बीएलओ
मोकामा से जिन तीन बीएलओ को निलंबित किया गया, वे हैं:
1. अश्विनी कुमार – शिक्षक, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बड्डूपुर, पंडारक (मतदान केंद्र संख्या 178)
2. राम रतन कुमार – शिक्षक, लक्ष्मी देवी मध्य विद्यालय बड्डूपुर, मोकामा (मतदान केंद्र संख्या 178)
3. एक अन्य बीएलओ जिनकी पहचान भी इसी मतदान केंद्र से जुड़ी है।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने इस कार्रवाई को चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और गंभीरता के लिए आवश्यक बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक अत्यंत संवेदनशील कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन कार्यों में ईमानदारी, समयनिष्ठा और पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना अनिवार्य है।
पुनरीक्षण कार्य की निगरानी में बढ़ोतरी
इस कार्रवाई के साथ ही जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की निगरानी और अधिक कड़ी कर दी है। अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने यह संकेत भी दे दिया है कि भविष्य में यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस कार्य में लापरवाही करेगा तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक कदम
इस प्रकार की कार्रवाई यह दिखाती है कि जिला प्रशासन चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध रूप से संपन्न कराने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मतदाता सूची की शुद्धता किसी भी चुनाव का आधार होती है। यदि इस प्रक्रिया में लापरवाही होगी तो चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। पटना में सात बीएलओ का निलंबन इस बात का उदाहरण है कि प्रशासन चुनाव संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही को गंभीरता से ले रहा है। यह कार्रवाई अन्य बीएलओ और चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए भी चेतावनी है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसी सख्ती आवश्यक और स्वागतयोग्य है।

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