बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को दी बड़ी सौगात, मोबाइल फोन खरीदने को मिलेगी 11 हज़ार रुपये की राशि

पटना। बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्टफोन खरीदने के लिए 11,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे सेविकाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे वे अपनी सुविधा के अनुसार मोबाइल फोन खरीद सकेंगी। इस योजना के तहत अब सेविकाओं को सरकार की ओर से मोबाइल नहीं दिया जाएगा, बल्कि नकद सहायता प्रदान की जाएगी। वित्त विभाग ने इस हेतु समाज कल्याण विभाग को आवश्यक राशि आवंटित कर दी है। सरकार का उद्देश्य है कि सेविकाएं डिजिटल कामकाज में दक्ष बनें और पोषण से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो। सरकार ने निर्देश दिया है कि सहायता राशि प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर सेविकाओं को स्मार्टफोन खरीदना होगा और इसकी जानकारी संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को सौंपनी होगी। इसके बाद जिला स्तर पर पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट ICDS निदेशालय को भेजी जाएगी, ताकि इसमें किसी प्रकार की देरी न हो। गौरतलब है कि वर्तमान में आंगनबाड़ी सेविकाओं का अधिकांश कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रहा है। सेविकाओं को अब पोषण ट्रैकर पोर्टल पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य लाभार्थियों की जानकारी दर्ज करनी होती है। साथ ही, लाभार्थियों की *फेस कैप्चरिंग* तकनीक के माध्यम से तस्वीरें अपलोड करना भी अनिवार्य हो गया है। इससे योजनाओं के सही क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की करीब 80 से 90 प्रतिशत सेविकाओं के पास अब तक स्मार्टफोन नहीं है, जिससे उन्हें कार्य में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता था। कई जिलों में लाभार्थियों की फेस कैप्चरिंग मात्र 50 प्रतिशत से भी कम है। पटना जैसे प्रमुख जिले में भी यह आंकड़ा अभी तक केवल 60 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया है। स्मार्टफोन मिलने से न केवल सेविकाओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि समय पर पोषण से जुड़ा डेटा अपलोड करने में भी मदद मिलेगी। इससे गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों को समय पर पोषण सेवाएं मुहैया कराई जा सकेंगी। साथ ही विभागीय निगरानी और मूल्यांकन की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और वास्तविक समय में संभव हो पाएगी। यह योजना बिहार सरकार के पोषण मिशन को एक नई दिशा देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। डिजिटल उपकरणों की मदद से आंगनबाड़ी सेविकाएं अब अपने कार्य को अधिक कुशलता और जवाबदेही के साथ कर सकेंगी। बिहार सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान को भी गति देगी और राज्य की पोषण तथा बाल विकास योजनाओं में तकनीकी सशक्तिकरण को सुनिश्चित करेगी। इससे न केवल सेविकाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि लाखों लाभार्थियों को भी समय पर और सटीक सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी।

You may have missed