January 28, 2026

8 अगस्त को बिहार आएंगे गृहमंत्री, सीतामढ़ी में पुनौरा धाम की रखेंगे आधारशिला, मिथिलांचल को साधने की कोशिश

पटना। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 8 अगस्त को बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुनौरा धाम का दौरा करेंगे, जहां वे जानकी मंदिर के भव्य निर्माण कार्य की आधारशिला रखेंगे। इस ऐतिहासिक दौरे को धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकी मंदिर निर्माण को लेकर लंबे समय से उठ रही मांग को अब केंद्र और राज्य सरकार की सहभागिता से मूर्त रूप दिया जा रहा है। जानकी माता की जन्मस्थली माने जाने वाले पुनौरा धाम में बनने वाला यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित किया जाएगा। इसमें सफेद संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर का उपयोग होगा। मंदिर का गर्भगृह, शिखर, और प्रतिमा स्थान अत्यंत भव्य बनाए जाएंगे। पूरे मंदिर परिसर को 12 एकड़ भूमि में विस्तारित किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर गृहमंत्री शाह न सिर्फ मंदिर परियोजना का शिलान्यास करेंगे बल्कि कई अन्य विकास योजनाओं का लोकार्पण और समीक्षा भी करेंगे। इसमें प्रमुख रूप से सड़क, पेयजल, और सांस्कृतिक गलियारे से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रोड तथा पुनौरा धाम को जोड़ने वाली पर्यटन सड़कों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मंदिर परिसर में चारों दिशाओं में मिथिला शैली में निर्मित तोरण द्वार, सीता कुंड का पुनर्निर्माण, संगमरमर से सजे घाट, और रात में आकर्षक लाइट एंड फाउंटेन शो जैसी योजनाएं तैयार की गई हैं। साथ ही दर्शनार्थियों के लिए धर्मशालाएं, प्रवासी हॉल, वेटिंग रूम, भोजनालय, स्नानगृह और शौचालय की व्यवस्था होगी। डिजिटल रामायण गैलरी, रामायण-थीम पर आधारित गार्डन, CCTV निगरानी, फायर सेफ्टी, और आपातकालीन निकास जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी स्थापित की जा रही हैं। राजनीतिक दृष्टि से इस दौरे को बीजेपी के मिशन 2025 के तहत देखा जा रहा है। सीतामढ़ी को मिथिलांचल का प्रवेश द्वार माना जाता है, जहां जातीय समीकरणों और धार्मिक भावनाओं का गहरा प्रभाव रहता है। जानकी मंदिर के शिलान्यास से बीजेपी मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़कर ब्राह्मण, कायस्थ, वैश्य और मैथिल समुदायों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास कर रही है। पुनौरा धाम के इस आयोजन के माध्यम से भाजपा स्वयं को मिथिला गौरव की राजनीतिक प्रतिनिधि के रूप में स्थापित करना चाहती है। राम मंदिर की तर्ज पर जानकी मंदिर निर्माण की यह पहल न सिर्फ धार्मिक राष्ट्रवाद को बल देगी बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में भाजपा के आधार को और मजबूत कर सकती है। भव्य आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ केंद्र की टीमें भी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी हुई हैं। गृहमंत्री के इस दौरे को लेकर मिथिला और बिहार भर में उत्साह का माहौल है।

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