January 29, 2026

पटना में पुलिस ने लल्लू मुखिया के घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई, लोगों की लगी भीड़, हत्या समेत कई मामलों में नाम

पटना। राजधानी पटना में मंगलवार को पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई लोहिया जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्णवीर सिंह यादव उर्फ लल्लू मुखिया के घर पर की गई। उन पर हत्या समेत कई संगीन आरोप हैं। बाढ़ अनुमंडल के सभी सात थानों की पुलिस इस कार्रवाई में शामिल हुई और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सुबह 10 बजे लल्लू मुखिया के घर पहुंची।
क्यों करनी पड़ी कुर्की-जब्ती की कार्रवाई
लल्लू मुखिया पर 2023 में कोनहर पुल के पास कमलेश प्रसाद की हत्या में शामिल होने का आरोप है। इस मामले में उन्हें प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया। हत्या के इस मामले में पुलिस लंबे समय से उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही थी। सोमवार को ही यह कार्रवाई होनी थी लेकिन मजिस्ट्रेट की तैनाती नहीं होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। मंगलवार को जब मजिस्ट्रेट की उपस्थिति सुनिश्चित हुई तो पुलिस ने तुरंत कुर्की-जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी।
सड़कों पर जुटी भीड़
जैसे ही पुलिस बल ने लल्लू मुखिया के घर को चारों तरफ से घेरा, इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थानीय लोग इस कार्रवाई को देखने के लिए मौके पर पहुंचने लगे। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बावजूद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कौन हैं लल्लू मुखिया
कर्णवीर सिंह यादव उर्फ लल्लू मुखिया बिहार की राजनीति में एक चर्चित नाम हैं। वे कभी मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह के बेहद करीबी माने जाते थे। लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में दोनों नेताओं के बीच मनमुटाव हो गया और रास्ते अलग हो गए। लल्लू मुखिया ने बाढ़ विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था और तीसरे स्थान पर रहे थे।
मृतक के परिवार ने लगाए नए आरोप
इस मामले में अब नया मोड़ भी आया है। हत्या के शिकार कमलेश प्रसाद की पत्नी और बेटे ने बयान दिया है कि लल्लू मुखिया का नाम राजनीतिक साजिश के तहत बाद में एफआईआर में जोड़ा गया। उनका दावा है कि हत्या के मामले में लल्लू मुखिया का कोई हाथ नहीं है और उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए यह साजिश रची गई है।
राजनीति में बढ़ी हलचल
इस कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। लोहिया जनता दल के समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष के तहत की जा रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की आगे की तैयारी
कुर्की-जब्ती के बाद पुलिस अब लल्लू मुखिया की गिरफ्तारी के लिए भी रणनीति बना रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर वे खुद सरेंडर नहीं करते हैं तो उनकी तलाश तेज कर दी जाएगी और गिरफ्तारी जल्द होगी। पुलिस इस केस को मजबूत करने के लिए अन्य गवाहों और सबूतों को भी जुटा रही है।
इलाके में बढ़ा तनाव
लल्लू मुखिया के समर्थक इस कार्रवाई से नाराज हैं। इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रखा गया है। प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है ताकि कोई कानून व्यवस्था की समस्या न खड़ी हो।
क्या है आगे की राह
अब सबकी नजर इस बात पर है कि लल्लू मुखिया खुद को निर्दोष साबित करने के लिए कोर्ट का रुख कब करते हैं और पुलिस की कार्रवाई कितनी असरदार साबित होती है। उनके खिलाफ लगे आरोपों की सच्चाई कोर्ट में ही तय होगी, लेकिन इस कार्रवाई से साफ है कि बिहार में प्रशासन संगीन आरोपों पर कड़ा रवैया अपना रहा है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने बाढ़ क्षेत्र में सियासी और सामाजिक चर्चाओं को गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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