January 29, 2026

वैशाली में शादी समारोह में जमकर विवाद, फोटो खींचने को लेकर दो पक्षों में मारपीट, खूब चले लाठी-डंडे

वैशाली। वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरारी गांव में एक शादी समारोह के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब वरमाला के दौरान फोटो खींचने को लेकर दो पक्षों में तीखा विवाद हो गया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई, जिसमें लाठी-डंडों और कुर्सियों का खुलकर इस्तेमाल हुआ। इस घटना में दूल्हे पक्ष के तीन लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटना के बख्तियारपुर स्थित रानी सराय से बारात वैशाली के बरारी गांव पहुंची थी। शादी समारोह संतोष साह के घर पर आयोजित किया गया था। सब कुछ सामान्य चल रहा था कि तभी वरमाला के दौरान कुछ युवक मोबाइल से फोटो खींचने लगे। इसी बीच गांव के कुछ स्थानीय युवकों ने फोटो खींचे जाने पर आपत्ति जताई। छोटी-सी कहासुनी ने जल्द ही उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक अन्य युवकों को पकड़कर बेरहमी से पीट रहे हैं। वीडियो में कुर्सियों को फेंकते और लाठी-डंडों से हमला करते लोगों के दृश्य साफ नजर आ रहे हैं। यहां तक कि रसोई में इस्तेमाल होने वाले छनौटे का भी इस हिंसा में उपयोग किया गया। इस झगड़े में दूल्हे का मंझला भाई रवि साह, चचेरा भाई धर्मेद कुमार और मौसेरा भाई दीपक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को आनन-फानन में पटना ले जाया गया, जहां उनका इलाज एक निजी अस्पताल में जारी है। रवि साह की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद कुछ समय के लिए समारोह में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बारातियों में डर और गुस्सा दोनों का माहौल देखा गया। हालांकि, गांव के बुजुर्गों और कुछ समझदार लोगों की पहल पर स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया गया और विवाह की रस्में आगे बढ़ाई गईं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर घटना के बावजूद अब तक किसी भी पक्ष की ओर से राघोपुर जुड़ावनपुर थाना में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के बावजूद मामला अभी तक सिर्फ मौखिक स्तर पर ही बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में पहले भी आपसी विवादों को लेकर तनावपूर्ण घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। विवाह जैसे पावन अवसर पर हुई इस हिंसक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से का तात्कालिक विस्फोट कितना भयावह रूप ले सकता है। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है।

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