January 31, 2026

त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश के बॉर्डर पर दिखा संदिग्ध ड्रोन, इलाके में हड़कंप, जांच में जुटी बीएसएफ

अगरतला। त्रिपुरा के दक्षिणी हिस्से में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक संदिग्ध ड्रोन मिलने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। यह ड्रोन बल्लमुखा गांव के एक धान के खेत में मिला, जो बेलोनिया उपखंड के अंतर्गत आता है। यह खेत अंतरराष्ट्रीय सीमा की तारबंदी से लगभग 300 मीटर भीतर भारतीय क्षेत्र में स्थित है।
खेत में दिखा कैमरा युक्त ड्रोन
घटना मंगलवार सुबह की है जब एक स्थानीय किसान ने खेत में एक ड्रोन देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की टीम ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ड्रोन में एक उच्च गुणवत्ता वाला कैमरा लगा हुआ था, जिससे इसके इस्तेमाल को लेकर संदेह और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वे एक ड्रोन को सीमा क्षेत्र में उड़ते हुए देख रहे थे। उनकी मान्यता है कि यह ड्रोन बांग्लादेश की ओर से उड़ाया जा रहा था और वह भारतीय क्षेत्र की निगरानी कर रहा था।
जांच में जुटी पुलिस और बीएसएफ
ड्रोन मिलने के बाद त्रिपुरा पुलिस और बीएसएफ ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। उनका उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह ड्रोन बांग्लादेश की ओर से आया था या नहीं और इसका असली मकसद क्या था। अधिकारियों का मानना है कि यह ड्रोन जासूसी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर जब इसमें कैमरा जैसे उपकरण मौजूद हों। इस मामले ने प्रशासन और सुरक्षा बलों को इसलिए भी चिंता में डाल दिया है क्योंकि यह बल्लमुखा गांव में इस प्रकार की दूसरी घटना है। एक सप्ताह पहले भी इसी क्षेत्र में एक ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली थी, हालांकि तब उसे बरामद नहीं किया जा सका था।
सीमा पर पहले से सतर्कता
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा पहले से ही कड़ी की गई है। हाल के महीनों में खबरें आई थीं कि बांग्लादेश ने तुर्की में निर्मित बायरकटार टीबी2 ड्रोन को सीमा के पास तैनात किया है। इसके बाद भारत ने सीमा पर निगरानी बढ़ा दी थी और बीएसएफ की गश्त में भी इज़ाफा किया गया था। ड्रोन मिलने की इस घटना के बाद बीएसएफ ने क्षेत्र में अपनी सक्रियता और बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि इस मुद्दे को आने वाली सीमा समन्वय बैठक में बांग्लादेश के सुरक्षा अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा।
लोगों से की गई शांति की अपील
स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। जांच पूरी होने तक सुरक्षा बल क्षेत्र में गश्त करते रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है। ड्रोन जैसी घटनाएं सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तकनीकी जांच बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रशासन की निगाहें अब जांच के नतीजों पर टिकी हैं, ताकि यह साफ हो सके कि यह ड्रोन कहां से आया और इसका मकसद क्या था।

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