70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा की सुनवाई हाईकोर्ट में टली, अब फिर 17 को मामला सुनेगी अदालत
पटना। पटना हाईकोर्ट में 70वीं बीपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई 17 मार्च 2025 तक के लिए टाल दी गई है। इस मामले की सुनवाई अब एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ करेगी। इससे पहले यह मामला जस्टिस ए. एस. चंदेल के पास था, लेकिन अब यह मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बीपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप
इस याचिका को लेकर वरीय अधिवक्ता वाईवी गिरी ने कोर्ट को जानकारी दी थी कि 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी। उन्होंने कहा कि बीपीएससी न तो इन आरोपों की जांच कर रही है और न ही परीक्षा दोबारा आयोजित करने को तैयार है। इस परीक्षा में कुल चार लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था और परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को 912 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि कई परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र परीक्षा के दौरान ही लीक हो गया था। इस विवाद के कारण 4 जनवरी 2025 को पटना के बापू सभागार परीक्षा केंद्र में दोबारा परीक्षा कराई गई।
छह अंक दिए जाने पर विवाद
4 जनवरी को हुई परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को छह अतिरिक्त अंक दिए गए, क्योंकि प्रश्नपत्र में तीन प्रश्न गलत थे, दो प्रश्न पिछली परीक्षा से दोबारा लिए गए थे और एक और प्रश्न में त्रुटि थी। वकील गिरी ने कोर्ट को बताया कि यह छह अंक सिर्फ दोबारा परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को दिए गए, जबकि बाकी उम्मीदवार इससे वंचित रह गए।
बीपीएससी और सरकार की दलीलें
बीपीएससी की ओर से वरीय अधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट में दलील दी कि किसी भी उम्मीदवार ने आयोग के सामने औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, इसलिए इस मामले की जांच संभव नहीं है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पी. के. शाही ने कोर्ट को बताया कि इस मुद्दे पर एक जनहित याचिका*भी दायर की गई है। उन्होंने कहा कि दोनों याचिकाओं की सुनवाई एक साथ की जानी चाहिए। इससे पहले, पटना हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार चंदेल ने बीपीएससी और राज्य सरकार को 30 जनवरी 2025 तक हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि बीपीएससी परीक्षा का परिणाम इस याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा। बीपीएससी ने न केवल प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है, बल्कि मुख्य परीक्षा की तारीखों की भी घोषणा कर दी है। अब देखना यह होगा कि हाईकोर्ट 17 मार्च 2025 को इस मामले में क्या फैसला सुनाती है।


