पूर्णिया में छठी कक्षा की छात्रा ने की आत्महत्या, पिता ने डांटा तो लगाई फांसी
पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले में शुक्रवार देर रात को पिता के डांटने पर बेटी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। किशोरी ने जिस वक्त ये कदम उठाया मां और पिता आटा मिल पर गए थे। शुक्रवार देर रात को घर लौटने पर पिता ने किशोरी को कमरे में फंदे के सहारे झूलता हुआ पाया। पिता ने किशोरी को पढ़ाई न करने को लेकर डांटा था। इसी से गुस्साई किशोरी ने सुसाइड जैसा खौफनाक कदम उठाया। मामला बायसी थाना क्षेत्र के लौटियाबाड़ी गांव से जुड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। किशोरी की पहचान मंजर आलम की बेटी रेशमा खातून के रूप में हुई है। मृतक लड़की छठी कक्षा की छात्रा है। परिजन ने बताया कि रेशमा के माता पिता घर के पास आटा मिल चलाते हैं। वो दिन रात मेहनत कर बेटी को अच्छी शिक्षा दे रहे थे। जबकि रेशमा का मन पढ़ाई में नहीं लगता था। पढ़ाई न करने के कारण पिता ने आज सुबह उसे डांट लगाया था। इसके बाद वो पिता से रूठकर अपने कमरे में चली गई थी। मां ने खाने को आवाज लगाया, लेकिन वो कमरे से नहीं निकली। कुछ देर में बेटी का गुस्सा शांत हो जाएगा, ये सोचकर पति पत्नी घर के बगल में मौजूद आटा मिल पर चले गए। देर शाम घर लौटने पर किशोरी को आवाज लगाई। कोई आवाज न आने पर कमरे की ओर पहुंचने पर पाया कि दरवाजा अंदर से लॉक है। फिर भी किशोरी को काफी आवाज लगाई। काफी देर बाद भी कमरे के अंदर से कोई हलचल नहीं आई। जिसके बाद उन्होंने कमरे का दरवाजा तोड़ा। अन्दर प्रवेश करने पर किशोरी को मृत अवस्था में फंदे से लटकता हुआ पाया। किशोरी को फंदे से लटका देख तेज आवाज लगाई और दहाड़ मारकर रोने लगे। परिजनों का चीत्कार सुनकर जिसके बाद आसपास के लोग घर में जुटे और फिर पुलिस को घटना की सूचना दी गई। बायसी थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद ने बताया कि पढ़ाई को लेकर पिता की डांट से आहत होकर छात्रा के आत्महत्या करने की बात सामने आई है। मौके से किसी तरह कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।


