प्रदेश में 16 जनवरी से फिर चलेगी शीतलहर, अलर्ट जारी, बुजुर्गों और बच्चों का रखें विशेष ध्यान
पटना। मकर संक्रांति के अवसर पर बिहार के लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। 14 और 15 जनवरी को प्रदेश में कड़ाके की ठंड या शीतलहर जैसी स्थिति नहीं होगी। दिन में धूप खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि, 16 जनवरी से एक बार फिर ठंड बढ़ने की चेतावनी दी गई है।
11 जिलों में कोहरे का असर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश के 38 में से 11 जिलों में 14 जनवरी को सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा। इनमें पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और दरभंगा शामिल हैं। बाकी 27 जिलों में मौसम सामान्य रहेगा।
ठंड बढ़ने का कारण
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तरी बांग्लादेश और उसके आसपास के क्षेत्र में चक्रवातीय सर्कुलेशन बन रहा है, जो समुद्र तल से डेढ़ किलोमीटर ऊपर तक फैला है। इसके कारण प्रदेश में मौसम में बदलाव हो रहा है। साथ ही, एक नया पश्चिमी विक्षोभ भारत के कई हिस्सों को प्रभावित करेगा। इसके प्रभाव से 16 जनवरी से बिहार में ठंड बढ़ने और शीतलहर चलने की संभावना है।
न्यूनतम तापमान में स्थिरता
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा है कि 14 से 18 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। हालांकि, 16 जनवरी के बाद प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ सकता है। इस दौरान बुजुर्गों और बच्चों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, पूर्णिया 26.9 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। वहीं, पश्चिम चंपारण सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना में सोमवार को सुबह हल्का कुहासा छाया रहा, लेकिन दिन में धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। राजधानी का न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शीतलहर से बचाव की सलाह
मौसम विभाग ने शीतलहर के दौरान बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त पोषण लेने और ठंडी हवा से बचने पर जोर दिया गया है। 16 जनवरी से ठंड के प्रकोप को देखते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। मकर संक्रांति पर भले ही ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन 16 जनवरी से एक बार फिर शीतलहर प्रदेश में दस्तक दे सकती है। ऐसे में आम लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।


