कांग्रेस ने बिहार केशरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंहा एवं विद्याकर कवि की पुण्यतिथि मनायी
पटना। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बिहार केशरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंहा की 59वीं पुण्यतिथि एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा मंत्री विद्याकर कवि की 34वीं पुण्यतिथि कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. समीर कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंहा बहुआयामी व्यक्तित्व के प्रतिभाशाली राजनेता थे। बिहार एवं झारखंड के सभी बड़े कल-कारखाने, मोकामा में राजेन्द्र सेतु एवं विकास के अन्य बड़े कार्य डॉ. श्रीकृष्ण सिंहा के कार्यकाल में हुए। उन्होंने कहा कि जमींदारी प्रथा का उन्मूलन बिहार में श्री बाबू के कार्यकाल में हुआ। आज कृतज्ञ राज्य बिहार के विकास में उनके योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को शत-शत नमन करता है।
वहीं स्व. विद्याकर कवि के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए डॉ. समीर ने कहा कि विद्याकर कवि एक उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं संवेदनशील नेता थे। उनके कार्यकाल में प्रदेश कांग्रेस में लगातार कार्यक्रम चलते रहते थे। वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का बड़ा सम्मान करते थे। इसके पूर्व डॉ. श्रीकृष्ण सिंहा एवं विद्याकर कवि के तैल चित्र पर पूर्व मंत्री डॉ. खालिद रसीद सबा, एचके वर्मा, प्रवक्ता डॉ. हरखू झा, राजेश राठौड़, पूर्व विधान पार्षद विभूति कवि, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोध कुमार, हिमांशु कवि, नागेन्द्र कुमार विकल, ब्रजकिशोर सिंह कुशवाहा, अजय कुमार यादव, संतोष श्रीवास्तव, अनुराग चन्दन समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने माल्यार्पण किया।


