January 23, 2026

पटना में मछली पकड़ने गए युवक की गोली मारकर हत्या, मामले की जांच में जुटी पुलिस

बिहटा। राजधानी पटना से सटे बिहटा थाना क्षेत्र के अमनाबाद सोन नदी घाट पर मछली पकड़ने गए युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अमनाबाद गांव के निवासी भुअर महतो के बेटे अमरजीत कुमार के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से इलाके में मातम छाया हुआ है, और मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। अमरजीत की मौत से उसकी पत्नी और परिजन सदमे में हैं, क्योंकि उसकी शादी इसी साल अप्रैल में हाजीपुर में हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही बिहटा थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अस्पताल भेजा गया है। साथ ही, पुलिस ने पटना की एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी सूचना दी है, ताकि घटना की वैज्ञानिक जांच हो सके। घटना के अनुसार, अमरजीत कुमार अपने गांव के दो साथियों कंचन कुमार और विकास कुमार के साथ बीती रात अमनाबाद सोन घाट पर मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान सोन नदी घाट पर किसी ने गोली चलाई, जिसमें से एक गोली अमरजीत को लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में गहरा शोक पसरा हुआ है, और मृतक के घरवाले सदमे में हैं। यह घटना कोई पहली नहीं है, जब अमनाबाद और पथलौटिया सोन घाट पर गोलीबारी में किसी की जान गई हो। इससे पहले भी 2023 से अब तक बालू माफिया द्वारा इसी क्षेत्र में पांच लोगों की हत्या की जा चुकी है। बालू के अवैध खनन को लेकर माफियाओं के बीच आए दिन झड़पें और गोलीबारी होती रहती हैं। इन घटनाओं के चलते स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडराता रहता है। अमनाबाद और पथलौटिया सोन घाट पर बालू के अवैध खनन के कारण लगातार हिंसक घटनाएं हो रही हैं, जिनमें निर्दोष लोग भी मारे जा रहे हैं। मृतक अमरजीत कुमार की हत्या के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग बालू माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। इसके अलावा, पुलिस भी इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटी हुई है। बिहटा थानाध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने बताया कि अमरजीत कुमार की हत्या अज्ञात अपराधियों द्वारा की गई है और पुलिस इस पूरे मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। अभी तक पुलिस को इस घटना के पीछे के असल कारणों का पता नहीं चला है, लेकिन इस इलाके में बालू माफियाओं के बीच लगातार हो रही गोलीबारी और झड़पों से यह संभावना जताई जा रही है कि यह घटना भी इसी से जुड़ी हो सकती है। बालू माफियाओं के बीच सत्ता और अवैध खनन को लेकर होने वाले संघर्षों के कारण अक्सर निर्दोष ग्रामीण इन झगड़ों का शिकार हो जाते हैं। इस घटना से यह साफ हो जाता है कि बिहार के कई हिस्सों में बालू माफियाओं का आतंक अभी भी बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बावजूद, इन माफियाओं का नेटवर्क इतना मजबूत है कि वे कानून के डर के बिना अपने कृत्यों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाकर घटना स्थल से सबूत इकट्ठा करने का काम शुरू कर दिया है। साथ ही, गांव के लोगों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय और क्या हुआ था। फिलहाल, पुलिस जल्द ही अपराधियों को पकड़ने के लिए पूरी कोशिश कर रही है, ताकि इस घटना का न्याय हो सके और अमरजीत के परिवार को न्याय मिल सके। अमरजीत की हत्या ने एक बार फिर से बिहार में अपराध और बालू माफियाओं की गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों को सुरक्षा की मांग करते हुए उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस मामले में अपराधियों को गिरफ्तार करेगी और इस तरह की घटनाओं पर काबू पाएगी।

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