दिल्ली चुनाव: भाजपा ने मात्र 2 सीट ही क्यों दी जदयू को, बिहार में दिखेगा साइड इफेक्ट
CENTRAL DESK: दिल्ली में अगले महीने 8 फरवरी को मात्र एक चरण में 70 सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा, आप, राजद, कांग्रेस, जदयू ताल ठोक रही है। जो खबर मीडिया में आ रही है उसके अनुसार भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में बिहार में मौजूद सहयोगी पार्टी जदयू और लोजपा के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। इसके तहत भाजपा ने मात्र दो सीट जदयू और एक सीट लोजपा के लिए छोड़ा है। जानकारी के मुताबिक बुराड़ी और संगम विहार सीट पर जदयू का उम्मीदवार होगा, जबकि सीमापुरी विधानसभा सीट पर लोजपा अपने उम्मीदवार उतारेगी। इस निर्णय का साइड इफेक्ट बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा को दिखने को मिलेगा, ऐसा कयास लगाया जा रहा है। जदयू बिहार में भाजपा से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए दबाव बनाएगी। वैसे भी बिहार में सीएम नीतीश के नेतृत्व में राजग चुनाव लड़ेगा और जदयू पहले से ही कहता रहा है कि बिहार में जदयू ही बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की शुरू हो गई है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में जदयू को मात्र 2 सीट देकर कहीं भाजपा ने यह जताने की कोशिश तो नहीं की है कि यहां भाजपा बड़ा भाई है, जबकि अन्य सहयोगी दल छोटे भाई।
मिल रही जानकारी के मुताबिक, बुराड़ी विधानसभा सीट पर जदयू के शैलेंद्र कुमार और संगम विहार सीट से डॉ. गुप्ता को प्रत्याशी बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। जबकि, लोजपा की ओर से सीमापुरी विधानसभा सीट के लिए अभी तक उम्मीदवार के नाम पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। संभावना है कि जल्द ही पार्टी के प्रमुख नेता इस बारे में कोई निर्णय लेंगे।
मालूम हो कि भाजपा ने अभी तक 57 उम्मीदवारों के नामों का एलान किया है। अब तक घोषित 57 उम्मीदवारों में आठ पूर्वांचली उम्मीदवार हैं, जबकि पार्टी की ओर दावा किया गया था कि इस बार विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में पूर्वांचली उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जायेगा। दिल्ली में 40 फीसदी के करीब पूर्वांचल के वोटर हैं। लगभग 25 से 30 विधानसभा सीटों पर इनकी संख्या निर्णायक है। उधर, आम आदमी पार्टी ने 12 पूर्वांचली उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।


