देशवा के करी गुलजार हो तनी बगिया लगाई द…
फुलवारी शरीफ। सर्व मंगला सांस्कृतिक मंच (एस.एस.एम) की साप्ताहिक नुक्कड़ नाटक श्रृंखला में महेश चौधरी द्वारा लिखित एवं निर्देशित नृत्य नाटिका “जल जीवन हरियाली तभी होगी खुशहाली” की प्रस्तुति रविवार दोपहर वाल्मी में की गई। नाटक की शुरूआत मोनिका एवं सौरभ राज के स्वरबद्ध गीत- देशवा के करी गुलजार हो तनी बगिया लगाई द, जिंदगी में आईल बहार हो बगिया लगाई द, पेड़ लगाई जा पर्यावरण के जान बचाई जा…. से की गई। इस नृत्य नाटिका में हरे पेड़ों की कटाई होने के दर्द को दिखाया गया जिसमें यह पेड़ पौधे कह रही है कि यह दुनिया वाले तुमने अपने स्वार्थ में अब तक अंधाधुंध पेड़ों की कटाई की है। जिसके कारण प्रकृति ने तुम सब को खतरे की आहट दी है अब तो संभलो और रक्षा करो, मुझे मत काटो दर्द होता है। मैं जब तक रहूंगा तुम्हारे ही काम आऊंगा। मैं तेरा हिस्सा हूं और तुम मुझसे ही जिंदा हो, इसलिए थोड़ी सी मिट्टी, थोड़ा सा पानी के साथ-साथ एक पौधा जरूर लगाओ ताकि जल जीवन हरियाली रहेगी और तुम सब भी जिंदा रहोगे। पेड़-पौधे और वृक्ष हम सब धरती के श्रृंगार हैं। हमारी हरियाली से ही तुम्हे छाया, फल-फूल और जल मिलता है। यदि मैं एकदम से दुर्बल होकर सुख भी जाऊं तब तुम अपने साथ जलाने के लिए मुझे रख लेना। कलाकारों में महेश चौधरी, मोनिका राज, सौरभ राज, साक्षी, मुस्कान, अमन, आर्यन, करण, सौरव, प्रमोद, पायल, रौनक,सूरज, प्रियांशु, छवि कांत, प्रिंस, शिवांगी, शांभवी, माही, शिक्षा, वंशिका, मानसी, नाविक, सात्विक, स्वेक्षा, वंदना, अमन मधुसूदन शर्मा, दिलीप देशवासी, कामेश्वर, जगत नारायण आदि थे।


