लाठी के सहारे लोकतंत्र की गला घोट रही है नीतीश सरकार : राजेश भट्ट
प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त : राजेश भट्ट

पटना। लोजपा (रा) के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता राजेश भट्ट ने प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता विजय कुमार सिंह की मौत पर JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह द्वारा प्रशासन के पक्ष में बचाव करने समझ पाया को बेहद शर्मनाक बताया है। आहे भट्ट ने कहा कि यह लाठी गोली की सरकार लगातार सभी लोकतांत्रिक तरीके से किए गए प्रदर्शन को अपने लाठी से कुचलने का प्रयास करती है। उसी श्रृंखला में भाजपा के द्वारा आयोजित रोड मार्च के दौरान प्रदेश की पुलिस द्वारा भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं पर जिस तरह बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज की गई वह बेहद अलोकतांत्रिक है। ऐसा लगता है कि बिहार में लोकतंत्र समाप्त हो गया है और कानून का राज पूरी तरह खत्म हो गया है। उन्होंने नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए कहा की सरकार लाठी के सहारे लोकतंत्र की गला घोट रही है, मानो बिहार में आपातकाल लागू हो चाहे शिक्षक अभ्यर्थी, छात्रों या किसान सलाहकारों द्वारा अपने वाजिब मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन किए जा रहे हो बावजूद सरकार प्रशासन द्वारा उन पर निरंतरता में लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल करने से परहेज नहीं करती है। जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हद तो तब हो गई जब छात्र शिक्षक किसान के अलावे विपक्ष में स्थापित भाजपा द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को लाठियों से पीटा गया जो बेहद कायराना हरकत है। जिसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। उन्होंने आगे कहा की सरकार अपने दमनकारी नीतियों के तहत प्रदेश में लोकतंत्र का मखौल उड़ा रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल व्याप्त है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जो जंगलराज की संज्ञा से नवाजते थकते नहीं थे, आज उसी जंगलराज की गोद में बैठकर प्रदेश को महा जंगलराज की गर्त में धकेलने का काम किया है। इससे यह साबित हो गया है कि नीतीश कुमार जी सिर्फ अपने कुर्सी की चिंता है। प्रदेश की जनता और जन समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं रह गया है। आगे भट्ट ने मौजूदा सरकार से पूछा है कि क्या अब हर समस्या का समाधान सिर्फ लाठी है? भट्ट ने कहा भाजपा नेता की मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

