पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों ने खत्म किया आंदोलन, कहा- राज्यकर्मी का दर्ज़ा दे सरकार
- माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव बोले- दोनों सदनों तक पहुंची हमारी बात, मांगे पूरी नही होने पर फिर से सड़कों पर उतरेंगे
पटना। राजधानी पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि दोनों सदनों में हमारी बात सरकार तक पहुंच गई है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सिर्फ एक मांग है। सभी शिक्षकों को सरकारी किया जाए। जब तक नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिलता तब तक हम लोग सड़कों पर उतरते रहेंगे। फिलहाल आंदोलन खत्म कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री कहते हैं कि शिक्षकों को विज्ञान नहीं आता है। शिक्षा मंत्री को खुद ही विज्ञान नहीं आता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द शिक्षक प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। विधान परिषद में ये बयान मंत्री विजय चौधरी ने दिया है। शिक्षक अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी को लेकर सम्राट चौधरी ने सरकार पर सवाल भी उठाए हैं। शिक्षक नियुक्ति नियमावली के विरोध में पटना में कैंडिडेट्स सड़कों पर उतरे थे। हजारों की संख्या में अभ्यर्थी जुटे थे। अभ्यर्थी विधायकों के आवास का घेराव करने के साथ-साथ विधानसभा घेराव करने की तैयारी में थे। इन्हें रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई थी। कई जगहों पर कैंडिडेट्स की गिरफ्तारी भी हुई। वही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार कंफ्यूज है। विधान परिषद में वित्त मंत्री बोले रहे हैं कि नियमावली में संशोधन की समीक्षा करेंगे। ये केवल भटकाने वाली बात है। सम्राट चौधरी ने कहा कि शिक्षकों को गिरफ्तार कर उन्हें आंदोलन करने से रोका जा रहा है। वहीं तेजस्वी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नीतीश बाबू की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी का क्या हुआ। आपने जीतनराम मांझी से इस्तीफा लिया तो आज राजद से क्यों डर गए।
जदयू एमएलसी के आवास से ही शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन
वही कैंडिडेट्स में से कुछ जदयू कोटे से विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह के सरकारी आवास पर रुके हुए थे। यहीं से सरकार को घेरने की रणनीति बनी। सरकारी आवास में भोजन का भी इंतजाम किया गया था। ये सारी व्यवस्था एमएलसी संजीव कुमार सिंह ने व्यवस्था की थी। नीतीश कुमार को घेरने के लिए पूरी सेना यहीं डेरा डाले हुए थी। आवास के अंदर टेंट शामियाने की व्यवस्था की गई थी। गर्मी से राहत के लिए पंखा लगाया गया था। शिक्षक अभ्यर्थियों को सरकार की ओर से बनाए गए नए नियम मंजूर नहीं है। नई नियमावली के मुताबिक पूर्व से नियोजित शिक्षकों को भी बीपीएससी की ओर से ली जानेवाली परीक्षा में बैठना होगा। सीटीईटी और बीटीईटी को नए नियमावली के तहत बीपीएससी की परीक्षा देनी होगी। इसके बाद वह राज्यकर्मी बन सकते हैं। शिक्षक अभ्यर्थियों को यह मंजूर नहीं है। इसके अलावा वेतनमान बढ़ाने की भी मांग की जा रही है। बिना किसी परीक्षा के राज्यकर्मी का दर्जा मांग रहे हैं। डोमिसाइल नीति को वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
अभ्यर्थियों के समर्थन में आई बीजेपी
बीजेपी ने शिक्षक अभ्यर्थियों के पक्ष में सड़क पर उतरने का फैसला लिया है। बिहार बीजेपी की ओर से 13 जुलाई को विधानसभा मार्च का ऐलान किया गया है। 13 जुलाई को बिहार बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता गांधी मैदान से विधानसभा तक मार्च करेंगे। यह मार्च केवल रूट तक सीमित नहीं रहेगा। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा था कि 13 जुलाई को विधानसभा मार्च तो होगा। इसके साथ ही मानसून सत्र में सदन के अंदर भी सरकार को घेरेंगे।


