January 29, 2026

विपक्षी एकता की बैठक विफल, तिवारी ने कहा- फोटो सेशन व फ्लॉप शो बन कर रह गई महाबैठक

  • विपक्षी एकता की बुनियाद शर्तों, स्वार्थों व मौकापरस्ती पर आधारित : राजू तिवारी

पटना। लोजपा (रा) ने विपक्षी एकता मुहिम के तहत पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक को पूरी तरह विफल करार दिया है। लोजपा (रा) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने पार्टी के पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी एकता को लेकर देश भर में जिस तरह की चर्चा थी, वैसा कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा की बिहार की धरती से देश की सियासत की विपक्षी एकता को लेकर दिशा-दशा के बजाय कहीं ना कहीं शर्तों पर गठबंधन की राजनीति बनकर रह गई। कुल मिलाकर नीतीश जी की विपक्षी एकता बड़े सियासी धमाके की बजाय टाँय-टाँय फिस्स साबित हुई। अब तो नीतीश जी कहीं मुँह दिखाने के लायक भी नहीं रहे। देश की राजनीति में नीतीश जी पहले से ही अविश्वसनीय रहे हैं और अब वह अप्रासंगिक हो गए हैं। आगे तिवारी ने कहा कि विपक्षी दलों की बैठक जिस तरह से अल्प समय में ही समाप्त हो गई और बैठक के तुरंत बाद प्रेस कान्फ्रेंस से पहले ही लोग बगैर अपनी बात रखे वहां से चलते बने, इससे साफ जाहिर होता है कि जिस सोच के साथ बैठक बुलाई गई थी, वह सफल नहीं हुआ।

तिवारी ने कहा की पौने 4 घंटे की बैठक केवल फोटो सेशन का फ्लॉप शो बन कर रह गई। तिवारी ने कहा कि उड़ीसा के सीएम नवीन पटनायक जी, बसपा प्रमुख बहन मायावती जी, आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी जी और तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव जी सरीखे विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं ने तो पहले ही इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था और जो शामिल हुए उन्होंने भी अपने को अब किनारा कर लिया है। वही आगे तिवारी ने कहा कि दरअसल, विपक्षी एकता की बुनियाद ही शर्तों, स्वार्थों और मौकापरस्ती पर आधारित है। हर दल को एक दूसरे से किसी ना किसी वजह से परहेज है, ऐसे में इसके सफल होने की कोई गुंजाइश कभी थी ही नहीं। नीतीश कुमार विपक्षी एकता के अपने इस मिशन में पूरी तरह से विफल हो गए। आगे तिवारी ने नीतीश कुमार पर जनता के पैसों का दुरूपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार की बदहाली देश-दुनिया में किसी से छिपी नहीं है, लेकिन नीतीश जी ने अपने स्वार्थ और महत्त्वाकांक्षा के लिए उसे नज़रअंदाज कर दिया। करोड़ो रुपए जो प्रदेश की जनता पर खर्च होते तो हालात में कुछ सुधार आता, लेकिन नीतीश जी ने ऐसा नहीं किया और उन पैसों को सियासी पिकनीक और फोटो-सेशन पर बर्बाद कर दिया। वही इस बरबादी का जवाब नीतीश जी को जल्द ही जनता के सामने देना होगा।

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