January 29, 2026

बिहार के स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए 7279 विशेष शिक्षकों की होगी बहाली, बीपीएससी से होगा एग्जाम

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के दिव्यांग यानी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में 7279 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। यह बहाली दिव्यांग बच्चों के लिए समर्पित शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है। इससे इन बच्चों को उनकी जरूरतों के अनुसार उपयुक्त शैक्षणिक सहयोग मिल सकेगा।
पदों का वर्गीकरण
शिक्षा विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कुल 7279 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों को दो वर्गों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए 5534 पद निर्धारित किए गए हैं, जबकि दूसरी श्रेणी में कक्षा 6 से 8 तक के लिए 1745 पद रखे गए हैं। इन शिक्षकों की नियुक्ति से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सहायता प्रदान की जा सकेगी।
नियुक्ति प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली
इस बहाली की प्रक्रिया बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी। पूरी प्रक्रिया TRE 3.0 की तर्ज पर होगी, जिसमें लिखित परीक्षा और दस्तावेजों की जांच शामिल होगी। यह प्रणाली पहले से ही शिक्षक नियुक्ति में अपनाई जा रही है और पारदर्शिता व निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जानी जाती है। शिक्षा विभाग ने बहाली संबंधी संपूर्ण प्रस्ताव और दिशा-निर्देश बीपीएससी को सौंप दिए हैं, जिससे अब प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू की जा रही है।
आयु सीमा में विशेष छूट
इस विशेष शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट भी दी जा रही है। जहां सामान्य शिक्षकों के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष निर्धारित है, वहीं विशेष शिक्षकों के लिए यह सीमा 47 वर्ष तय की गई है। इसका अर्थ यह हुआ कि दिव्यांग बच्चों के लिए नियुक्त होने वाले शिक्षकों को 10 वर्षों की अतिरिक्त उम्र छूट दी जा रही है। यह निर्णय उन अनुभवी और योग्य अभ्यर्थियों के लिए लाभकारी होगा, जो उम्र की सीमा पार कर चुके हैं लेकिन अभी भी सेवा देने के इच्छुक हैं।
योग्यता की अनिवार्यता
इस भर्ती प्रक्रिया में केवल वे ही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने बीएसएसटीईटी यानी बिहार स्पेशल स्कूल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट 2023 पास किया है। वर्ष 2023 में बिहार बोर्ड ने इन 7279 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया को अब बीपीएससी के माध्यम से औपचारिक रूप दिया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सिर्फ योग्य और प्रशिक्षित उम्मीदवारों को ही नियुक्त किया जाए, जिससे दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता बनी रहे।
राज्य सरकार की दूरदर्शिता
बिहार सरकार का यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ दिव्यांग बच्चों को समान अवसर मिलेंगे, बल्कि समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेष शिक्षक उन बच्चों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे, जो सामान्य शिक्षण विधियों से लाभ नहीं उठा पाते हैं। इस पहल से न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था सशक्त होगी बल्कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में समानता और समावेशिता को भी बल मिलेगा। यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में इस तरह की योजनाओं से बिहार में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को एक नई दिशा मिलेगी।

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