August 29, 2025

नीतीश कैबिनेट की बैठक में 26 एजेंडों पर मुहर: उद्योग लगाने वालों को मिलेगी मुफ्त जमीन, बनेंगे 32 औद्योगिक पार्क

पटना। मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में चल रही नीतीश कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हो गई है। कैबिनेट की बैठक में तमाम विभागों के मंत्री मौजूद रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 26 प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगी है। नीतीश कैबिनेट ने उद्योग, जल संसाधन, पथ निर्माण, राजस्व एवं भूमि सुधार, विधि, सामान्य प्रशासन, श्रम संसाधन स्वास्थ्य, समाज कल्याण, मंत्री मंडल सचिवालय, गृह, कृषि, पर्यटन और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दे दी है। नीतीश सरकार बिहार में उद्योग और निवेश को बढावा देने के लिए नए औद्योगिक पैकेज 2025 के तहत मुफ्त में जमीन देगी। 100 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली और 1000 से अधिक डायरेक्ट रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों को 10 एकड़ तक मुफ्त जमीन आवंटित की जाएगी। वहीं 1000 करोड़ से अधिक के निवेश करने वाली इकाइयों को 25 एकड़ तक भूमि दी जाएगी। 40 करोड़ रूपए तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। नई इकाइयों के प्रोजेक्ट कॉस्ट का 300 प्रतिशत तक स्टेट GST 14 सालों के लिए माफ किया जाएगा। ये फैसला मंगलवार को पटना में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। मीटिंग में 26 एजेंडों को मंजूरी मिली है। मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने बताया, सरकार ने 32 औद्योगिक पार्क बनाने का फैसला लिया है। इसके तहत सरकार ने 8000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है। 14600 एकड़ जमीन अधिग्रहण और करने का फैसला लिया गया है। किसान सलाहकारों का मानदेय बढ़ाया गया है। पहले इन्हें 13000 रुपये मिलते थे अब 8000 बढ़कर 21000 मिलेंगे। इसमें सरकार को 67 करोड़ 87 लाख 10 हजार 736 रुपए खर्च होंगे। आज हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी मिली है। केंद्र और राज्य मिलाकर पहले 211. 40 रुपए प्रति क्विंटल मिलते थे, जिसमें 47 रुपए राज्य सरकार की ओर से बढ़ाए गए हैं। अब बिहार के जन वितरण दुकानदारों को प्रति क्विंटल 258.40 रुपए मिलेंगे।सरकार का दावा है कि इस पैकेज से अगले पांच सालों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है, इसका उद्देश्य है कि बिहार के युवा राज्य में ही रोजगार पाएं, आत्मनिर्भर बनें और उद्योगों के जरिए प्रदेश का आर्थिक विकास तेज हो। इस औद्योगिक पैकेज 2025 के अंतर्गत लाभ लेने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पूर्व आवेदन करना अनिवार्य होगा।

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