नीतीश कैबिनेट की बैठक में 16 एजेंडों पर मुहर, सरकारी नौकरी की पीटी परीक्षा में 100 रुपए में आवेदन, राजगीर में बनेंगे दो शानदार फाइव स्टार होटल
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक कई अहम फैसलों के लिए उल्लेखनीय रही। इस बैठक में कुल 16 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनमें राज्य के युवाओं के रोजगार, शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई निर्णय शामिल हैं। ये फैसले न केवल प्रशासनिक स्तर पर बदलाव लाएँगे, बल्कि आम जनता के जीवन और अवसरों को भी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेंगे। बेरोजगार युवाओं के लिए सबसे बड़ा निर्णय परीक्षा शुल्क को लेकर लिया गया है। अब राज्य सरकार के अधीन आयोजित होने वाली नौकरियों की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के लिए आवेदन शुल्क मात्र ₹100 होगा। इससे पहले विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों को अधिक शुल्क देना पड़ता था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। सबसे खास बात यह है कि मुख्य परीक्षा पूरी तरह निःशुल्क कर दी गई है। इसका सीधा लाभ लाखों अभ्यर्थियों को मिलेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर की भावना को बल मिलेगा। बिहार पर्यटन को लेकर भी राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नालंदा जिले के राजगीर में दो शानदार पाँच सितारा होटल बनाए जाएंगे, वहीं वैशाली में एक पाँच सितारा रिसॉर्ट का निर्माण होगा। ये सभी परियोजनाएँ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित की जाएँगी। राजगीर और वैशाली ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध स्थल हैं। यहाँ उच्च स्तरीय होटल और रिसॉर्ट बनने से विदेशी और देशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कृषि और उद्योग क्षेत्र से जुड़े निर्णयों में “बिहार ईख विकास सेवा नियमावली 2025” को मंजूरी दी गई। गन्ना बिहार का प्रमुख नकदी फसल है और लाखों किसान इसकी खेती से जुड़े हैं। नई नियमावली से गन्ना उद्योग के संचालन और प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। साथ ही गन्ना किसानों को बेहतर सेवाएँ और सुविधाएँ मिलने की संभावना है। वित्त विभाग ने राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) द्वारा विकसित ई-लाभार्थी पोर्टल के संचालन और रखरखाव के लिए तीन वर्षों में 5.30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। इस पोर्टल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और लाभों को पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुँचाना है। डिजिटल प्रणाली से भ्रष्टाचार कम होगा और योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ेगी।भूमि सुधार विभाग ने बांका जिले में 46 एकड़ भूमि गृह विभाग को ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है। यहाँ बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस का मुख्यालय बनाया जाएगा। यह निर्णय राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा। इसके साथ ही मधेपुरा जिले में दो एकड़ भूमि पावर ट्रांसमिशन कंपनी को दी जाएगी, जहाँ बिजली ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण होगा। इससे उस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू होगी और औद्योगिक तथा घरेलू जरूरतों की पूर्ति बेहतर ढंग से हो सकेगी। शिक्षा विभाग ने राजकीय शिक्षक पुरस्कार की राशि को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की घोषणा की। यह फैसला न केवल शिक्षकों को सम्मानित करने के उद्देश्य से लिया गया है, बल्कि उन्हें बेहतर कार्य और नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने का भी साधन बनेगा। शिक्षक समाज निर्माण की धुरी होते हैं, ऐसे में उनकी भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व मंत्री स्व. उपेंद्रनाथ वर्मा की जयंती हर वर्ष 23 अगस्त को राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। इसके लिए गया जिले के दिग्घी तालाब स्थित उनकी प्रतिमा स्थल को चयनित किया गया है। यह निर्णय राज्य सरकार की ओर से स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सम्मानित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग की नई कार्यकर्ता नियमावली को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका, कर्तव्य और अधिकार स्पष्ट होंगे। साथ ही वर्ष 2026 के अवकाश अधिनियम को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे सरकारी कर्मचारियों के अवकाश से जुड़े मामलों में स्पष्टता और सुविधा होगी। कुल मिलाकर नीतीश कैबिनेट की यह बैठक राज्य के युवाओं, किसानों, शिक्षकों, पर्यटकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए कई सकारात्मक संदेश लेकर आई है। रोजगार परीक्षाओं में शुल्क घटाना, पर्यटन को बढ़ावा देना, किसानों के लिए नई नियमावली, बेहतर बिजली आपूर्ति, पुलिस मुख्यालय की स्थापना, शिक्षकों के सम्मान में वृद्धि और स्वतंत्रता सेनानी की जयंती का राजकीय आयोजन—ये सभी निर्णय बिहार की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति को सुदृढ़ करने में सहायक होंगे। इन फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार विकास, पारदर्शिता और समान अवसर की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।


