January 30, 2026

12-18 फरवरी तक जनविरोधी बजट के खिलाफ जन जागरण कार्यक्रम चलाएगी सीपीआईएम

सीएए, एनआरसी, एनपीआर और जन समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालयों पर करेगी राज्यव्यापी प्रदर्शन
पटना। सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ चल रहे जनआंदोलन के प्रति बिहार सरकार के रुख ने भाजपा नेतृत्व में चलने वाले संप्रदायवादियों के मनोबल को बढ़ाने का काम किया है, जिससे कन्हैया कुमार के नेतृत्व में चंपारण से शुरू किए गए जन गण मन यात्रा पर छपरा के बाद सुपौल में जानलेवा हमले हुए हैं, जिसकी पार्टी कड़ी निंदा करती है और यात्रा के दौरान कन्हैया सहित तमाम यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग करती है। यह कहना है सीपीआईएम के राज सचिव अवधेश सिंह एवं राज्य सचिव मंडल के सदस्य अरुण कुमार मिश्रा का।
उक्त दोनों नेताओं ने पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केरल सरकार की वाम जनवादी सरकार की तरह बिहार में भी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया जाए तथा एनपीआर की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। पार्टी फरवरी से लेकर भगत सिंह के शहादत दिवस 23 मार्च तक पूरे राज्य में घर-घर जाकर आम लोगों को सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खतरों से परिचित कराएगी और संविधान के धर्मनिरपेक्ष एवं जनतांत्रिक ढांचे को सुरक्षित रखने तथा इस काले कानून की वापसी तक संघर्ष जारी रखेगी। वहीं बिहार की पार्टी इकाइयां 12 से 18 फरवरी तक इस जनविरोधी बजट के खिलाफ जन जागरण एवं आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाएगी। साथ ही उक्त नेताओं ने कहा कि पार्टी चंपारण से जारी यात्रा अभियान को सफल बनाने, 25 फरवरी को जिला मुख्यालयों पर जन समस्याओं एवं काले कानून के खिलाफ प्रदर्शन को सफल बनाएं एवं 29 फरवरी को गांधी मैदान की रैली में भारी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।

You may have missed