बेगूसराय में 11 वर्षीय मासूम को बालू लदे ट्रैक्टर ने कुचला, मौके पर हुई दर्दनाक मौत
बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेघड़ा थाना क्षेत्र के बरौनी फ्लैग इमली टोला में बालू लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने 11 वर्षीय मासूम को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहम्मद साबिर के पुत्र अयूब अयान के रूप में हुई है। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई, वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अयूब अयान रोज की तरह मंगलवार सुबह अपने घर से गांव में ही स्थित कोचिंग पढ़ने के लिए निकला था। वह अभी कुछ ही दूरी पर पहुंचा था कि घटकिंडी की ओर से गंगा घाट से बालू लेकर आ रहा एक ट्रैक्टर तेज रफ्तार में वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और मासूम अयूब को कुचलते हुए आगे निकल गया। हादसा इतना भीषण था कि बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद गंगा किनारे से अवैध बालू खनन धड़ल्ले से जारी है। बालू लदे ट्रैक्टर दिन-रात गांवों से होकर गुजरते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि इन ट्रैक्टरों को अक्सर नाबालिग चालक चलाते हैं, जो तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन दौड़ाते हैं। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।सड़क जाम की सूचना मिलते ही तेघड़ा डीएसपी कृष्ण कुमार, अंचल अधिकारी रवि शंकर कुमार, बीडीओ राकेश कुमार और तेघड़ा थाना अध्यक्ष अमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी देर तक मान-मनौव्वल के बाद भी लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे और अवैध बालू खनन पर पूर्ण रोक तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस दिनभर गश्त तो करती है, लेकिन अवैध खनन और ट्रैक्टर चालकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। यदि समय रहते सख्ती बरती जाती, तो शायद इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की भी मांग की। पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल ट्रैक्टर की पहचान की जा रही है और चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अवैध बालू खनन और नाबालिग चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह घटना एक बार फिर गंगा किनारे अवैध बालू खनन और लापरवाह परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस पर सख्ती से रोक नहीं लगेगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे। मासूम अयूब अयान की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लोगों का भरोसा भी डगमगा गया है।


