स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा: बिहार में कोरोना जांच के लिए उपकरण और दवा की कोई कमी नहीं

पटना। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रांगण से सोमवार को एइस प्रभावित चार जिलों के लिए 18 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में कोरोना बीमारी की जांच से लेकर उपचार तक किसी भी प्रकार के उपकरण या दवा की कोई कमी नहीं है।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सबसे अधिक एईएस प्रभावित जिले मुजफ्फरपुर के लिए 9, पूर्वी चंपारण के लिए 4, दरभगा के लिए 3 एवं सारण के लिए 2 नये एंबुलेंस को रवाना किया गया है, ताकि एईएस प्रभावित मरीजों को इलाज हेतु ससमय एंबुलेस सेवा उपलब्ध हो सके। एइएस प्रभावित क्षेत्रों की सघन मानिटिरिंग मंत्री कार्यालय से प्रतिदिन किया जा रहा है। एसओपी के अनुसार एइएस के संदर्भ में सभी आवश्यक तैयारियां एवं प्रशिक्षण का काम पूरा किया जा चुका है। मुख्यालय स्तर पर भी समीक्षा की गई है।
वहीं दूसरी ओर मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना बीमारी की जांच से लेकर उपचार तक किसी भी प्रकार के उपकरण या दवा की सूबे में कोई कमी नहीं है। पीएमसीएच में भी कोरोना के सैंपल जांच की सुविधा शुरू हो गई है। कोरोना बीमारी से संबंधित आवश्यक सामग्रियों की प्राप्ति नियमित हो रही है और आवश्यक मात्रा में आपूर्ति भी की जा रही है। मार्च के अंतिम सप्ताह से अभी तक कुल 40 हजार 958 पीपीइ किट आए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 30 हजार 463 किट स्टॉक में उपलब्ध हैं। थ्री प्लाय मास्क तीन लाख आए, जिसमें से एक लाख 70 हजार अभी भी उपलब्ध है। एन-95 मास्क 81 हजार 800 आए, जिसमें 58 हजार 600 अभी भी उपलब्ध है। हैंड सेनिटाइजर 40 हजार 254 एवं भीटीएम 8 हजार 500 आए, जिसमें 3595 अभी भी उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त भी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और जिला स्तर पर कोराना से संबंधित ऐसे सभी आवश्यक सामग्रियों का भी क्रय किया गया है। अभी तक राज्य में कुल 3738 कोरोना संदिग्धों की सैंपल जांच हुई है, जिसमें 32 लोग पॉजिटिव पाये गए हैं एवं 4 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक हुए हैं। शेष की स्थिति में भी सुधार हो रहा है।