सांसद बैद्यनाथ महतो को दी गई अंतिम विदाई, CM नीतीश बोले- हमने जुझारू नेता खो दिया

पटना/पश्चिम चंपारण। वाल्मीकिनगर के जदयू सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो को गमगीन माहौल में शनिवार शाम अंतिम विदाई दी गई। बड़े पुत्र राजेश कुशवाहा उर्फ रामाकांत कुशवाहा ने मुखाग्नि दी। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। इससे पूर्व शाम चार बजे सांसद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नौतन प्रखंड के बहोरनपुर पहुंचा। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर गांव के लोग रोने लगे। पार्थिव शरीर के साथ पटना से ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, जिले के प्रभारी मंत्री मदन सहनी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री फिरोज आलम समेत कई नेता पहुंचे। वहां पहले से डीएम कुंदन कुमार, एसपी विवेक कुमार समेत जिले के सभी अधिकारी थे। पार्थिव शरीर को सांसद के पैतृक आवास परिसर में रखा गया। जहां अधिकारियों व नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद आवास से डेढ़ किमी दूर नवका टोला कर्पूरी चौक के पास ले जाया गया। जहां आवासीय परिसर में अंतिम संस्कार किया गया। सांसद के बड़े पुत्र राजेश कुशवाहा उर्फ रामाकांत कुशवाहा ने मुखाग्नि दी। बताते चले कि सांसद का अंतिम दर्शन एवं दाह संस्कार के मौके पर पचास हजार से अधिक लोगों की भीड़ रही। महिलाओं की संख्या देख सभी भौंचक थे। महिला सशक्तिकरण एवं महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों का परिणाम है कि नौतन ही नहीं, बगहा, मैनाटांड़, रामनगर, सिकटा आदि से हजारों की संख्या में महिलाएं पहुंची थीं।


इसके पूर्व शनिवार सुबह उनका पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित जदयू के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि बैद्यनाथ बाबू जदयू के वरिष्ठ नेता और शुरूआती दिनों से हमारे साथ थे। उनके निधन से आत्मिक दुख हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमने आज एक जुझारू नेता खो दिया। इसके साथ ही सांसद स्व. महतो का पार्थिव शरीर जदयू कार्यालय भी लाया गया। बाद में यहां से उनके पैतृक गांव नौतन भेजा गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने वाल्मीकिनगर के सांसद व पूर्व मंत्री बैद्यनाथ महतो के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से कराए जाने का निर्देश दिया है। उधर, महतो के निधन से बिहार के राजनीतिक गलियारे में भी शोक की लहर है। बता दें कि वे इन दिनों बीमार थे और दिल्ली एम्स में उनका इलाज चल रहा था। उन्हें 11 फरवरी को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से बिहार में शोक की लहर छा गयी है। संसदीय क्षेत्र के लोग भी गम में डूब गए हैं। महतो राजनीतिक जीवन में दो बार सांसद तथा दो बार विधायक रहे थे।
जदयू कार्यालय में लाया गया पार्थिव शरीर
दिवंगत सांसद बैद्यनाथ महतो का पार्थिव शरीर शनिवार की सुबह जदयू कार्यालय लाया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्यों, सांसद व विधायकों ने इस मौके पर बैद्यनाथ महतो के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैद्यनाथ महतो हमारे पुराने साथी थे। जिस समय समता पार्टी का गठन हुआ था, उसी समय से वे काफी सक्रिय थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैद्यनाथ महतो की काफी लोकप्रियता थी। वर्ष 2005 में जब हमलोगों की सरकार बनी तब वह ग्रामीण विकास मंत्री बने और उस क्षेत्र में उन्होंने बढिया काम किया। सांसद बनने के बाद भी वह पार्टी का काम पूरे मन से करते रहे। जिलाध्यक्ष बनकर भी उन्होंने पार्टी का काम संभाला था। वह पुन: इस बार भी सांसद बने। व्यक्ति कब तक रहेगा और कब चला जाएगा, इसके बारे में कोई सोच नहीं सकता और न ही कह सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैद्यनाथ महतो को न सिर्फ पार्टी के लोग याद रखेंगे, बल्कि उन्हें राजनीतिक क्षेत्र के साथ-साथ सभी प्रकार के लोग याद रखेंगे। उनका सभी के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रहा है।
मंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक ने दी श्रद्धांजलि
जदयू कार्यालय में जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, रामचंद्र प्रसाद सिंह, रामनाथ ठाकुर, चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, उद्योग मंत्री श्याम रजक, संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी व प्रो. रणवीर नंदन भी मौजूद थे।
भाजपा-कांग्रेस नेताओं ने भी जताया शोक
इधर, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी बैद्यनाथ महतो के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। पूर्व जदयू सांसद मीना सिंह, विधान परिषद के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, राष्ट्रीय सचिव रवींद्र प्रसाद सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, परमहंस कुमार, चंदन कुमार सिंह, कामाख्या नारायण सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह व राज्य खाद्य आयोग के सदस्य नंदकिशोर कुशवाहा ने शोक व्यक्त किया है। इधर, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान सचिव एजाज अहमद समेत अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने महतो को एक सफल राजनेता बताया और कहा कि वे हमेशा गरीबों के हित के लिए काम करते रहे। उनके निधन से हुई अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं हो सकती है।

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