विधानसभा चुनाव : मांझी सिकंदरा और इमामगंज से आजमाएंगे किस्मत, 7 में से 4 सीटों पर खुद व स्वजन लड़ेंगे चुनाव, हंगामा
पटना। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के सुप्रीमो जीतन राम मांझी 2015 के विधानसभा चुनाव की तरह ही 2020 में भी दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतरेंगे। हालांकि जो सूचना सामने आ रही है इस बार उन्होंने एक सीट में बदलाव कर दिया है। इस बार में वे मखदुमपुर की बजाय सिकंदरा से जोर आजमाइश करेंगे। इमामगंज जहां से वे पिछली बार जीत कर विधानसभा पहुंचे थे, वहां से तो वे मैदान में रहेंगे ही। सूत्र बताते हैं कि जदयू कोटे से मिली सात में से चार सीटों पर खुद व स्वजन चुनाव लड़ेंगे, इसे लेकर सोमवार को हम कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से हम ने सीट और प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हम को जदयू के कोटे से सात सीटें मिली हैं। मखदुमपुर, बाराचट्टी, टेकारी, कुटुंबा, कस्बा, मखदुमपुर, इमामगंज और सिकंदरा। इसके अलावा विधान परिषद की एक सीट भी मांझी को जदयू की ओर से दी गई है। सूत्रों के अनुसार, मखदुमपुर से पराजित मांझी ने इस चुनाव में उक्त सीट पर अपने दामाद को उतारने का फैसला किया है। मखदुमपुर के अलावा बाराचट्टी से मांझी की रिश्तेदार ज्योति देवी, कुटुंबा से अजय भुइंया, टेकारी से पूर्व मंत्री डॉ. अनिल कुमार और कस्बा से राजेंद्र यादव पार्टी प्रत्याशी बनाए गए हैं। मांझी खुद दो सीट से चुनाव लड़ेंगे। कुल सात सीटों में से दो पर खुद और दो पर रिश्तेदारों के चुनाव लड़ने की खबर पर आज हम कार्यालय के आगे टिकट दावेदारों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा भी किया। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की गई है।
गौरतलब है कि महागठबंधन में सीटों की शेयरिंग के लिए समन्वय समिति का गठन नहीं होने से खफा मांझी ने महागठबंधन का साथ छोड़ दिया था और एनडीए में शामिल हो गए थे। 2015 के चुनाव में मांझी इमामगंज के साथ ही मखदुमपुर से चुनाव मैदान में थे। जहां उन्हें राजद उम्मीदवार सूबेदार सिंह के हाथों पराजित होना पड़ा था। जबकि इमामगंज में कड़ी टक्कर के बीच मांझी ने जदयू प्रत्याशी उदय नारायण को मात दी थी।


