राजद को एक और झटका : पूर्व मंत्री भोला बाबू ने हजारों कार्यकर्ताओं संग राजद छोड़ने का लिया निर्णय, तेजस्वी के खिलाफ फूंका बिगुल
पटना/हाजीपुर। राजद को एक और बड़ा झटका लगा है। राजद के वरिष्ठ नेता व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री उदय नारायण राय उर्फ भोला बाबू ने बुधवार को अपने हाजीपुर निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक कर पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। बैठक में राघोपुर व वैशाली क्षेत्र के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनके साथ राजद से अलग होने का निर्णय लिया।


बैठक को संबोधित करते हुए भोला बाबू ने कहा कि मैंने पार्टी और लालू जी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था, मगर अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ खड़ा हूं। उनका कार्यकर्ताओं के प्रति व्यवहार सही नहीं है। राघोपुर से जीतने के बाद उन्होंने राघोपुर के जनता के साथ छल किया है। कार्यकर्ताओं ने उनसे अपनी समस्याओं को लेकर कई बार मिलने की कोशिश की मगर तेजस्वी एक बार भी ना तो मिलने आये, न कभी क्षेत्र का दौरा किया। भोला बाबू ने कहा कि वो इस बार तेजस्वी के खिलाफ जाकर एनडीए को जिताने का काम करेंगे।
बता दें कि उदय नारायण राय बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने राघोपुर की सीट लालू परिवार के लिए छोड़ी थी। उदय नारायण तीन बार राघोपुर से विधायक रह चुके हैं और जनता पार्टी के टिकट पर वह 1980 से लेकर 1995 तक के तीन बार निर्वाचित हुए। 1995 में उन्होंने लालू यादव के लिए यह सीट छोड़ दी और लालू यादव यहां से दो बार विधायक रहे और उसके बाद राबड़ी देवी। हालांकि बाद में 2010 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जदयू के सतीश कुमार यादव जीते थे और फिर 2015 में तेजस्वी यादव ने यहां से चुनाव लड़कर जीत हासिल की।

इस अवसर पर राजद पूर्व जिलाध्यक्ष पंछी लाल राय, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष देसरी हरिहर पासवान, राजद प्रदेश महासचिव सह मुखिया राजीव रंजन, नवल किशोर सिंह, रामनाथ राय, अनिल राय, अशर्फी सिंह, जयशंकर सिंह, सुशीला देवी, बिंदेश्वर चौधरी, उमेश चौधरी, रघुनाथ राय, विनोद दास, रामशोभित राय, शकुंतला देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

