भाजपा-जदयू के हमले का पीके ने कुछ ऐसे दिया जवाब, कार्गो प्लेन से कोलकाता जाने का लग रहा आरोप

पटना। राजनीतिक रणनीतिकार व जदयू से निष्कासित प्रशांत किशोर के दिल्ली से कोलकाता पहुंचने की खबर को लेकर सियासत गरमा गई है। एनडीए के नेता जहां प्रशांत पर सफर के लिए कार्गो प्लेन के इस्तेमाल का आरोप लगा रहे हैं। वहीं प्रशांत किशोर ने जदयू और भाजपा के नेताओं को इस आरोप को साबित करने की चुनौती दे डाली है। बता दें गुरूवार को मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि लॉकडाउन के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रशांत किशोर को कोलकाता बुलाया है। बताया जा रहा है कि प्रशांत कार्गो फ्लाइट से कोलकाता पहुंचे। फिर क्या था भाजपा-जदयू के नेताओं ने प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी को निशाने पर लेना शुरू कर दिया।
जदयू नेता ने कहा- एक से एक दुर्लभ जीव हैं पृथ्वी पर
जदयू नेता डॉ. अजय आलोक ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि एक से एक दुर्लभ जीव इस पृथ्वी पर उपलब्ध हैं। कार्गो विमान से डॉक्टर, नर्स, पारामेडिकल, मास्क, सेनेटाइजर, वेंटिलेटर और अन्य जरूरी समान मंगवाते हैं और दीदी ( ममता बनर्जी) ने इतना भारी समान मंगवाया। प्रशांत को शर्म आनी चाहिए। लॉकडाउन का ऐसा उल्लंघन नहीं देखा गया। कार्गो प्लेन से आदमी कैसे चला गया? क्या वे कोलकाता में और बीमारी फैलाने गए हैं। पीके तो बिहार में डेढ़ लाख लोगों को खाना खिलाने की बात कहते थे। एक बार पैराशूट से बिहार में ही कूद जाते।
भाजपा प्रवक्ता बोले- कार्गो फ्लाइट की यात्रा करने का परमिशन किसने दिया?
यह बयानबाजी का दौर यही थोड़े ही न थमने वाला था, लगे हाथ बिहार भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने हमला बोलते हुए कहा पीके लॉकडाउन में कार्गो फ्लाइट में छुपकर कोलकाता गए। बंगाल में लॉकडाउन की स्थिति संभालने के लिए बुलाया गया। प्रशांत की यात्रा का विवरण सार्वजनिक किया जाए। इस कोरोना के कहर के दौर में लॉकडाउन के बीच संबंधित कार्गो फ्लाइट की यात्रा करने का परमिशन उन्हें किसने दिया? वे ना तो कार्गो के कर्मचारी है और ना ही केन्द्र, दिल्ली सरकार या फिर पश्चिम बंगाल सरकार के पुलिस-प्रशासन के अधिकारी हैं।
पीके ने भाजपा-जदयू को दे डाली चुनौती
मामला गरमाने और अपने ऊपर हो रहे सियासी हमले को जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने भाजपा-जदयू नेताओं से कहा कि जो लोग भी मुझ पर कार्गो प्लेन से यात्रा करने का आरोप लगा रहे हैं, वे अपने आरोपों की सच्चाई को साबित करें। केंद्र में भाजपा की सरकार है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और उड़ान संचालित करने वाला डायरेक्टॉरेट जनरल आॅफ सिविल एविएशन, दोनों केंद्र सरकार के नियंत्रण में है। अगर मैंने कार्गो प्लेन से यात्रा की है तो वे जब चाहें पूरा ब्योरा लोगों के सामने रख सकते हैं। नेताओं को आरोप लगाने की बजाय मेरे सफर, जैसे कौन सी उड़ान, कब, कहां से कहां तक का पूरा ब्यौरा लोगों के सामने पेश करना चाहिए। उनके आरोप सच साबित हुए तो मैं सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लूंगा अन्यथा भाजपा व जदयू के नेताओं को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।