January 29, 2026

भाजपा का बागडोर जेपी नड्डा के हाथों में, बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, जानिए बिहार कनेक्शन

CENTRAL DESK : बीजेपी के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा के हाथ में भाजपा का बागडोर मिल चुका है। नड्डा का निर्वाचन निर्विरोध हुआ है। वे भाजपा के नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किये गये हैं। नड्डा का कार्यकाल 2023 तक है, वे तीन वर्ष तक इस पद पर रहेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय से हुई। इसके मद्देनजर मुख्यालय में भाजपा नेता अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी मौजूद रहे। नाम की अधिकारिक घोषणा होने के बाद देश के गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी। वहीं नड्डा के भाजपा के नए अध्यक्ष के तौर पर पदभार संभालने के बाद पीएम मोदी पार्टी मुख्यालय पहुंचे। यहां उनका नड्डा ने स्वयं स्वागत किया। पीएम मोदी नए अध्यक्ष के साथ पार्टी शासित राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम के साथ बैठक करने वाले हैं।

लंबे समय से बीजेपी की राष्ट्रीय राजनीति का हैं हिस्सा 
बता दें बड़ेबोले बयानों से दूर रहने वाले जेपी नड्डा की संगठन पर पकड़ हमेशा ही रही है। मूल रूप से हिमाचली और बिहार में जन्मे जेपी नड्डा लंबे समय से बीजेपी की राष्ट्रीय राजनीति का हिस्सा हैं। पहली बार 1993 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पहुंचने वाले जेपी नड्डा का जन्म 2 दिसंबर, 1960 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। पटना में ही स्कूलिंग से लेकर बीए तक की पढ़ाई की पढ़ाई उन्होंने की। यहीं वह आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़े थे। इसके बाद वह अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश लौटे और एलएलबी किया। हिमाचल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान वह छात्र राजनीति में ऐक्टिव रहे और फिर बीजेपी में एंट्री ली। वह तीन बार बीजेपी के टिकट पर हिमाचल विधानसभा पहुंचे। 1993-98, 1998 से 2003 और फिर 2007 से 2012 तक वह विधायक रहे। यही नहीं 1994 से 1998 तक वह प्रदेश की विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता भी रहे। बिहार में जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरूआत करने वाले जेपी नड्डा का बिहार और झारखंड से पुराना नाता रहा है। उनका छात्र जीवन पटना में बीता है। उन्हें बिहार के साथ-साथ झारखंड की राजनीति की पूरी समझ है।

पिता थे पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति
बता दें जेपी नड्डा के पिता और माता का नाम क्रमश: डॉ. नारायण लाल नड्डा और कृष्णा नड्डा है। नड्डा के पिता पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति थे। साल 1992 में जेपी नड्डा मल्लिका नड्डा के साथ शादी के बंधन में बंधे। उनकी पत्नी मल्लिका नड्डा हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर कार्य करतीं हैं। मल्लिका नड्डा के पिता जबलपुर से सांसद रह चुके हैं। जेपी नड्डा के दो बच्चे हैं।

जेपी आंदोलन से की राजनीति की शुरूआत
नड्डा ने राजनीतिक सफर की शुरूआत साल 1975 में जेपी आंदोलन से की थी। वे देश के सबसे बड़े आंदोलनों में शुमार इस आंदोलन का हिस्सा बने थे। इस आंदोलन के बाद वे बिहार की छात्र शाखा एबीवीपी में शामिल हो गये थे। नड्डा ने साल 1977 में अपने कॉलेज में छात्र संघ का चुनाव लड़ा था और इस चुनाव में जीत दर्ज करके वे पटना यूनिवर्सिटी के सचिव बने थे। उसके बाद पटना यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री लेने के बाद नड्डा ने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में एलएलबी की पढ़ाई शुरू की। यहां उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में भी छात्र संघ का चुनाव लड़ा और यहां भी जीत दर्ज की थी। भाजपा जेपी नड्डा की प्रतिभा को पहचान चुकी थी, इसलिए पार्टी ने उन्हें वर्ष 1991 में अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया।

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