बिहार में मौसम का दोहरा कहर, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कई हिस्सों में भीषण गर्मी

  • सीमांचल में तूफान और वज्रपात से तबाही, पांच लोगों की मौत
  • दक्षिण बिहार में लू का प्रकोप जारी, तापमान 43 डिग्री के पार

पटना। बिहार में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। राज्य एक साथ दो विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहा है, जहां एक ओर कई जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का कहर देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में आंधी-बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज हवा 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है। साथ ही बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी आशंका जताई गई है। इसके विपरीत राज्य के अन्य 25 जिलों में गर्मी का असर जारी है और लोग उमस व तेज धूप से परेशान हैं। सीमांचल क्षेत्र के जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम ने भारी तबाही मचाई है। सुपौल, कटिहार और अररिया में आंधी और वज्रपात की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई। कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कटिहार में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पूर्णिया के अमौर में एक महिला की जान चली गई। अररिया में एक वृद्ध महिला की मौत घर की दीवार गिरने से हुई। किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों में तेज आंधी के कारण कई पेड़ उखड़ गए, वहीं सुपौल में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा मधुबनी और रक्सौल समेत कई जिलों में बारिश हुई है। विशेष रूप से कटिहार में तेज आंधी-बारिश से आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। दूसरी ओर, दक्षिण बिहार के जिलों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। रोहतास के डेहरी में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा आठ जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। भोजपुर में गर्मी के कारण एक महिला की मौत की भी खबर सामने आई है। राजधानी पटना में भी गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार यहां आंशिक बादल छाए रहने के बावजूद दिनभर गर्मी महसूस की जाएगी। हालांकि शाम या रात में हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार में मौसम के इस असामान्य बदलाव के पीछे कई मौसमी कारण हैं। झारखंड और पश्चिम बंगाल के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर बिहार के मौसम पर पड़ रहा है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती प्रभाव भी इस प्रणाली में शामिल हो गया है, जिससे वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। उपरी सतह पर तेज गति से चल रही हवाएं भी मौसम को प्रभावित कर रही हैं, जिसके कारण एक ही समय में कहीं तेज बारिश तो कहीं भीषण गर्मी की स्थिति बन रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 24 घंटों में दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो सामान्य से अधिक है। वहीं उत्तर और पूर्वी बिहार में बारिश के कारण तापमान में हल्की गिरावट संभव है। गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि जानवरों पर भी पड़ रहा है। राजगीर जू सफारी में बाघ और अन्य वन्यजीव दिन के समय छांव और पानी का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने इनके लिए ठंडे माहौल की व्यवस्था भी की है। बिहार इस समय मौसम के दोहरे संकट से गुजर रहा है, जहां एक तरफ तूफान और बारिश तबाही मचा रहे हैं, तो दूसरी तरफ भीषण गर्मी लोगों के लिए चुनौती बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।