बिहार में महिलाओं के हाथों में हथियार देख अपराधियों का दहलेगा कलेजा : डीजीपी
● महिलाएं अब हर मोर्चे पर सफल
● राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक पुरस्कार से सम्मानित ●आफिसरों को मिथिलेश स्टेडियम में किया गया पुरस्कृत
● मनु महाराज सहित कई पुलिस आफिसर्स हुए हुए पुरस्कृत

फुलवारी शरीफ (अजीत कुमार )। बुधवार को पुलिस सप्ताह का अंतिम कार्यक्रम बीएमपी-5 स्थित मिथिलेश स्टेडियम में आयोजित किया गया। सबसे पहले डीजीपी को सलामी दी गई। इसके बाद नव सृजित अनुसूचित जाति की लडकियों का महिला बटालियन कसम पैरेड में भाग लिया। इसके बाद मुजफ्फरपुर के आईजी गणेश कुमार और मुंगेर के डीआईजी मनु महाराज, बांका के एसपी अरविन्द गुप्ता, फुलवारी शरीफ थाना के पूर्व इन्स्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार, इन्स्पेक्टर सुरेन्द्र कुमार को राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया। इन बहादुर पुलिस ऑफिसरों को पूर्व में ही राष्ट्रपति पुरस्कार गलेंट्री मेडल मिला था। पुलिस पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित होने पर जोरदार तालियों से पुलिस आफिसरों की हौसला अफजाई की गयी। इनके आलावा अन्य कई पुलिस आफिसरों को उनके बेहतर काम के लिए पुरस्कृत किया गया। एसपी ट्रेनिंग, पुलिस ट्रेनिंग के 4 अधिकारी सहित कई दूसरे पुलिस अधिकारियों व सिपाहियों को भी उनके बेहतर काम के लिए पुरस्कृत किया गया। इस समारोह में ही कई स्कूलों के स्टूडेंट्स को भी सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में पहुंंचे डीजीपी गुतेश्वर पाण्डेय ने कहा की राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में अनुसूचित जन जाति की 275 महिलाओं का पद सृजित किया गया है, जिसमें आज 221 महिलाओं का पासिंग आउट परेड हुआ। उन्होंने कहा कि बाकि नियुक्ति की प्रक्रिया अभी चल रही है। डीजीपी ने कहा कि ये बेटियां नारी केवल क्षमा, दया, करुणा और सेवा, प्यार व तपस्या का ही नाम नहीं है बल्कि नारी शौर्य और पराक्रम का भी नाम है। उन्होंने कहा कि आज बेटियों के हाथ में हथियार देखकर बड़े बड़े अपराधियों का कलेजा दहल जायेगा। उन्होंने एक कविता सुनाते हुए नये महिला पुलिस का हौसला बुलंद करते हुए कहा कि हिमालय की बुलंदी से एक ललकार उट्ठी थी वो पायल की नहीं चूडियों की झंकार उठी थी और हिल गये फिरंगियों के सिने जब झाँसी की रानी के हाथों में तलवार उठी थी। उन्होंने कहा कि जो समाज में गलत कामों में लगे रहते हैं उन्हें हमारी महिला पुलिस बेचैन कर देंगी, उनका सीना दहला कर रख देंगी। उन्होंने कहा कि अपनी वीरता और शौर्य को अनुशासन के साथ बरकरार रखना और पुलिस का नाम ऊंचा उठाकर रखना। कार्यक्रम में बिहार पुलिस के तमाम आला पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।

वीरता पदक से सम्मानित पुलिस आफिसरों में गणेश कुमार, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मोतिहारी, जिन्होंने केसरिया थाना अंतर्गत दरमाहा गांव में उग्रवादियों से मुठभेड़ में उग्रवादियों को मार गिराने, दस उग्रवादियों को गिरफ्तार करने के साथ ही एसएलआर रायफल एवं अन्य सामानों को बरामदगी किया था। डीआईजी मुंगेर मनु महाराज, तत्कालीन पटना के एसएसपी रहते हुए 30 मार्च 2014 को मनेर के दियारे में नौ अपराध कर्मियों की गिरफ्तारी के लिए 2016 राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत किया गया। इन्स्पेक्टर सुरेंदर कुमार, अवर निरीक्षक संजय कुमार सिंह को भी मनेर के दियारे कांड में ही राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत किया गया था। फुलवारी शरीफ थाना के पूर्व थानेदार रहे इन्स्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार, तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक, पटना पुलिस जिला बल और वर्तमान में गया जिला पुलिस बल को पटना के आलमगंज थाना क्षेत्र में व्यवसायी के साथ लूटपाट और हत्या की योजना बनाते समय हुए मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी को मार गिराने के लिए वर्ष 2016 में राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से अलंकृत किया गया। निलेश कुमार को सराहनीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया। विनय कुमार शर्मा तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक, रोहतास को 13 अप्रैल 2008 को राजपुर थाना क्षेत्र में कुख्यात अपराधकर्मी विश्वनाथ राजभर को मार गिराने और कई हथियार बरामद करने के लिए 2018 में राष्ट्रपति वीरता पदक से अलंकृत किया गया।


