जन गण मन यात्रा : सुपौल में कन्हैया कुमार के काफिले पर हमला, बाल-बाल बचे, सुरक्षा देने की मांग
सुपौल। सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में निकाली गई जन गण मन यात्रा के दौरान जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व भाकपा के युवा नेता कन्हैया कुमार के काफिले पर बुधवार की शाम में भीड़ ने बिहार के सुपौल जिले में हमला कर दिया। काफिले में शामिल दो लोग जख्मी हो गए हैं। वहीं दो वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए गए हैं। बताया जाता है कि इस बाबत दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बता दें कि इसके पहले आज ही झंझारपुर में कन्हैया के काफिले को काला झंडा दिखाया गया था। झंझारपुर के बाद कन्हैया कुमार सुपौल पहुंचे थे। घटना को लेकर भाकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सुपौल में जन गण मन यात्रा पर भाजपा के संगठन ने हमला किया। यात्रा में कन्हैया के गाड़ी सहित अन्य वाहन पर हमला किया गया। जानकारी के अनुसार गाड़ी के चालाक के सर में चोट लगी है। सीपीएम इस घटना की निंदा करते हुए सुरक्षा देने की मांग राज्य सरकार से की है। यात्रा में लगातार हमला आरएसएस की बौखलाहट दिखलाता है। इस तरह से हमला कायरतापूर्ण है।


मिली जानकारी के अनुसार सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ जन-मन यात्रा के तहत संघर्ष मोर्चा द्वारा आयोजित सभा में शामिल होने आ रहे कन्हैया कुमार को सुपौल में जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही कन्हैया का काफिला मल्लिक चौक पर पहुंचा। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित युवाओं ने कन्हैया के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इसी क्रम में काफिले की गाड़ियों पर युवकों ने पथराव भी कर दिया। पथराव में काफिले में शामिल दो वाहनों के शीशे टूट गए। घायलों में एक ड्राइवर के घायल होने की सूचना है। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कन्हैया कुमार को सभा में जाने की अनुमति नहीं दी गई और काफिले को सहरसा की ओर रवाना कर दिया गया।
उधर, बताया जा रहा है कि इस घटना को लेकर कनहैया के समर्थकों में काफी नाराजगी है। दरअसल, आज ही सुपौल के पहले झंझारपुर में कन्हैया कुमार के काफिले को काला झंडा दिखाया गया था। साथ ही उनके खिलाफ लोगों ने नारेबाजी की।
बता दें कि 26 जनवरी से वामदलों की ओर से जन गण यात्रा शुरू की गई है। यह यात्रा सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में निकाली गई है और इसका नेतृत्व कन्हैया कुमार कर रहे हैं। जो बिहार के विभिन्न जिलों से होकर गुजर रही है, जो 29 फरवरी को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में समाप्त होगी।

