February 16, 2026

बिहार के किसानों को एलपीसी से मिली निजात, धान खरीद के लिए भू स्वामित्व प्रमाणपत्र जरूरी नहीं

पटना। कृषि बिल को लेकर दिल्ली में बीते एक पखवाड़े से ज्यादा समय से आंदोलनरत किसानों से बिहार के किसान भले ही दूर हों, लेकिन उनके आंदोलन का असर अप्रत्यक्ष रूप से बिहार में देखा जा रहा है। इसको लेकर बिहार सरकार जबरदस्त दबाव में दिख रही है। मुख्यमंत्री से लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री तक किसानों से धान अधिप्राप्ति में कोई कमी ना रह जाए, इसको लेकर लगातार निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे हैं। पिछले दिनों सीएम नीतीश ने बैठक कर धान अधिप्राप्ति के लिए निबंधन के नियमों को आसान बनाने की घोषणा किया था तो आज सहकारिता मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने किसानों से धान अधिप्राप्ति के लिए भू स्वामित्व प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को खत्म करने की बात कही है। सहकारिता मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह और खाद्य आपूर्ति मंत्री विजेंद्र यादव ने प्रदेश के किसानों को राहत देते हुए कुछ बड़ी घोषणाएं की हैं।
किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। जिसमें धान अधिप्राप्ति के लिए किसानों को भू स्वामित्व प्रमाण पत्र कागजात की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया गया है। फसल का भुगतान किसानों के खाते में अब सीधे होगा, पैक्स और व्यापार मंडल को 72 घंटे में तथा किसानों को 48 घंटे में भुगतान होगा। कृषि विभाग की वेबसाइट पर जो निबंधित किसान हैं उन्हें धान अधिप्राप्ति के लिए स्वत: निबंधित मानकर योग्य समझा जाएगा। सहकारिता विभाग द्वारा किसानों का अलग से निबंधन करने की जरूरत नहीं है। रैयत किसानों की धान अधिप्राप्ति की अधिकतम सीमा को 200 क्विंटल से बढ़ाकर 250 क्विंटल किया गया है, साथ ही गैर रैयत किसानों की धान अधिप्राप्ति की अधिकतम सीमा को 75 क्विंटल से बढ़ाकर 100 क्विंटल किया गया है।
जिन पैक्सों पर अनियमितता के आरोप थे और वहां फिर से चुनाव हो गए हैं और आरोपी पैक्स अध्यक्ष चुनाव में निर्वाचित नहीं हुए हैं तो उनकी जगह पर नए निर्वाचित पैक्स अध्यक्षों को धान अधिप्राप्ति कार्य की इजाजत दी गई है। जो पैक्स फंक्शनल नहीं हैं, उनके बगल के पैक्सों या व्यापार मंडलों में धान अधिप्राप्ति की व्यवस्था की गई है तथा उन्हें सुदृढ़ किया जा रहा है। धान की अधिप्राप्ति कराने वाले किसानों के खाते में निर्धारित समय सीमा के अंदर राशि अंतरित की जाएगी। अब तक 2 लाख मिट्रिक टन धान की खरीद हुई है।

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