September 14, 2026

नीतीश जी दिल को बड़ा कीजिये और केजरीवाल सरकार के राह पर चल कर दिखाइए

पटना। बिहार में बिजली महंगी हो सकती है। कारण है कि बिजली बनाने वाली कंपनियां और ट्रांसमिशन करने वाली कंपनियों ने ट्रांसमिशन शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। अभी ट्रांसमिशन शुल्क 20 पैसा है। अब कंपनियां इसे 78 पैसा करना चाहती है। अगर यह दर लागू हो जाती है तो विद्युत वितरण कंपनियों पर 58 पैसे का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह भार उपभोक्ता के पास आते-आते 90 पैसा हो जाएगा।
आम आदमी पार्टी बिहार के प्रदेश मीडिया प्रभारी बबलू कुमार प्रकाश ने बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लि. और बिहार ग्रिड कंपनी लि. के ट्रांसमिशन शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बिहार में 6000 मेगावाट की जरूरत है और ट्रांसमिशन कंपनियों ने 20,000 मेगावाट पावर ग्रिड बना लिया है। कंपनी अपनी गलती का ठीकरा बिहार की जनता के सर फोड़ना चाहती है और मोटी ट्रांसमिशन शुल्क वसूल कर अपनी झोली भरना चाहती है।
बबलू ने कहा कि बढ़ती महंगाई से परेशान बिहार की जनता बिजली का करंट नहीं झेल पाएगी। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि नीतीश जी दिल को बड़ा कीजिये और केजरीवाल सरकार के राह पर चल कर दिखाइए और बिहार की जनता को 100 यूनिट बिजली निशुल्क दीजिये।

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