दिल्ली : हिंसा में अब तक 9 की मौत, सीएम केजरीवाल मिले घायलों से, गंभीर ने कपिल को घेरा
CENTRAL DESK : उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर हुई सांप्रदायिक झड़प के दूसरे दिन मंगलवार को एक बार फिर हिंसा भड़क उठी और आगजनी के बाद धुएं का गुबार कई जगह से उठता देखा गया। भीड़ में शामिल लोग पत्थर बरसा रहे थे, दुकानों में तोड़फोड़ कर रहे थे और स्थानीय लोगों को धमका रहे थे। बीते दो दिनों में हिंसा में 9 लोग मारे गए हैं। कई घायल लोग अस्पताल में भर्ती हैं। हिंसक प्रदर्शन का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पूर्व अधिकारी वजाहत हबीबुल्लाह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दिल्ली में हुई हिंसा मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इस पर बुधवार को सुनवाई हो सकती है। वहीं याचिका में यह भी मांग की गई है कि शाहीन बाग समेत दिल्ली के जिन इलाकों में महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं, वहां पर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन हिंसा में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए जीटीबी अस्पताल पहुंचे। इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सभी से हिंसा में शामिल नहीं होने की अपील की और जिलों के मजिस्ट्रेटों को शांति मार्च आयोजित करने तथा सभी धर्म के लोगों के साथ बैठकें करने का निर्देश दिया। केजरीवाल ने इस संबंध में हिंसा प्रभावित इलाकों के सभी दलों के विधायकों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। दिल्ली मेट्रों की पिंक लाइन के पांच स्टेशनों को लगातार दूसरे दिन हिंसक प्रदर्शनों के चलते बंद रखा गया।


उधर, राष्ट्रीय राजधानी में जारी भारी हिंसा के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालात पर चर्चा करने के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक की एक बैठक बुलाई। इसमें शहर में शांति बहाली के लिए राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के हाथ मिलाने और सभी इलाकों में शांति समितियों को फिर से सक्रिय करने का संकल्प लिया गया।
इस बीच भड़काऊ बयान पर भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने गहरी नाराजगी जताया और पूर्व विधायक कपिल मिश्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भड़काऊ बयान देने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी पार्टी का क्यों न हो। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे वह कपिल मिश्रा हों या फिर कोई और हो, अगर गलत है तो कार्रवाई होनी चाहिए।
बता दें मंगलवार को दिल्ली के उत्तरपूर्वी इलाके में बढ़ते तनाव के बीच दंगाइयों ने गोकलपुरी में दो दमकलगाड़ियों में तोड़फोड़ की और मौजपुर में भड़काऊ नारेबाजी के दौरान एक बाइक को भी आग के हवाले कर दिया। हिंसा प्रभावित इलाकों में लाठी, पत्थरों और रॉड से लैस उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। मौजपुर में दंगाइयों ने सड़क पर लोगों की पिटाई की और ई-रिक्शा व अन्य वाहनों पर भी अपना गुस्सा निकाला। कई पत्रकारों से भी धक्का-मुक्की की गई और उन्हें वापस जाने को कहा गया। इलाके में तनाव कायम होने के चलते स्कूल बंद हंै और डर के कारण लोग भी घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गयी है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, असामाजिक तत्वों से मौके पर ही कड़ाई से निपटा जा रहा है। अभी तक इस संबंध में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोमवार को जाफराबाद, मौजपुर, चांदबाग, खुरेजी खास और भजनपुरा में हुई हिंसा में 48 पुलिस कर्मी ओर 98 नागरिक घायल हो गए।

