आतंकियों को मारने के बाद शहीद हुआ बिहार का लाल, पिता ने दी मुखाग्नि, रो पड़ा पूरा गांव
भोजपुर/पटना। आज बिहार का आरा जिला ही नहीं बल्कि पूरा बिहार गमगीन था लेकिन बिहारवासियों का सिर भी गर्व से ऊंचा था। राजधानी पटना से लेकर आरा तक रमेश रंजन अमर रहे का नारा लग रहा था। बुधवार को कश्मीर के बारामूला में दो आतंकियों को मार गिराने के बाद शहीद हुए बिहार के लाल शहीद रमेश रंजन का पार्थिव शरीर गुरूवार की सुबह पटना एयरपोर्ट पहुंचा था, जहां शहीद को सलामी देने के बाद श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उसके बाद उनका पार्थिव शरीर भोजपुर जिला के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत पैतृक आवास देव टोला गांव के लिए रवाना कर दिया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ शहीद रमेश रंजन का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद रमेश को मुखाग्नि पिता ने दी। जब पिता ने अपने बेटे को मुखाग्नि दी तो वहां हजारों की संख्या में मौजूद रहे लोगों की आंखें छलक पड़ी।
दो साल पहले ही हुई थी शहीद रमेश रंजन की शादी
शहीद रमेश रंजन ने वर्ष 2011 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ज्वॉइन किया था और उनकी पहली पोस्टिंग संबलपुर उड़ीसा में हुई थी, फिर इसके बाद उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में हो गई थी। उनकी शादी दो साल पहले ही गुड़ी गांव की बेबी देवी से हुई थी।


पिता बोले-गर्व है अपने बेटे की शहादत पर
शहीद रमेश की शहादात पर परिजन ही नहीं ग्रामीण भी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। शहीद रमेश के पिता ने बताया कि मेरा पूरा परिवार सेना में है। सरकार श्रीनगर में ऐसा काम करे कि आतंकी जड़ से मिट जाएं और मेरे बेटे जैसा और किसी का बेटा शहीद न हो। इसके पहले बुधवार की दोपहर जैसे ही रमेश की शहादत की खबर मिली। देव टोला में कोहराम मच गया। सगे-सबंधियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सबकी आंखें नम थीं। लेकिन सीआरपीएफ जवान ने जिस तरह देश के दुश्मनों से लोहा लिया उससे वे उस पर नाज कर रहे थे।
पिता को फोन पर मिली बेटे की शहादात की सूचना
सीआरपीएफ के 73वीं बटालियन के जवान रमेश रंजन के शहादत की सूचना दोपहर बारह बजे के बाद रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर पिता राधा मोहन सिंह को मोबाइल पर मिली। शहीद जवान के साथी ने ही फोन पर कमांडेंट से बात कराई कराई। छोटे बेटे की शहादात की सूचना मिलते ही पिता की आंखे आंसू से डबडबा गई। दोस्त ने ही पिता को बताया कि सीआरपीएफ जवान रमेश ने तीनों आतंकवादियों के पास हथियार देखे जाने के बाद पहले एक आतंकवादी को मार गिराया। इसके बाद दूसरे आतंकवादी ने शॉल में छिपाकर रखे हथियार से उसे पीछे से गोली मार दी।

