अनुपयोगी करार दिए गए मोकामा शटल कोच को दिया गया स्टाफ कैंटीन ‘कैफिटेरिया’ का रूप
हाजीपुर/पटना। पूर्व मध्य रेल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा कौमुदी त्रिवेदी ने राजेन्द्रनगर टर्मिनल कोचिंग कॉम्प्लेक्स में रेलकर्मियों हेतु एक अनुपयोगी कोच का जीर्णोद्धार करते हुए स्टाफ कैंटीन के रूप में विकसित किए गए कैफिटेरिया का उद्घाटन किया। पूर्व मध्य रेल में पहली बार इस प्रकार का अभिनव कार्य किया गया है, जिसमें अनुपयोगी करार दिए गए कोच को स्टाफ कैफिटेरिया के रूप में विकसित किया गया है। विदित हो कि इस कोच का जीवनकाल सितम्बर, 2019 में पूरा हो चुका था तथा इसे अनुपयोग करार दिया गया था। इस अवसर पर दानापुर मंडल के महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती सुप्रिया भी उपस्थित थीं।


इसे राजेन्द्रनगर टर्मिनल कोचिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट के निकट स्थापित किया गया है। इसमें सबसे उल्लेखनीय यह है कि इस कैफिटेरिया का विकास तथा रूपांतरण दानापुर डिपो के ही कर्मचारियों द्वारा खाली समय में अपना योगदान देते हुए अंदरूनी श्रोतों से ही किया गया है। इसके रूपांतरण में किसी प्रकार के सरकारी राजस्व का व्यय नहीं हुआ है। इस कैंटीन के बन जाने से न केवल राजेन्द्रनगर टर्मिनल कोचिंग कॉम्प्लेक्स के सौंदर्यीकरण में वृद्धि होगी बल्कि यहां कार्यरत 500 से ज्यादा रेलकर्मियों को अल्पाहार के लिए अन्यत्र नहीं जाना होगा, साथ ही कार्यदक्षता में भी वृद्धि होगी।
कोच संख्या ईसी जीएस94504 को सन् 1994 के अक्टूबर माह में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, पेरांबुर, चेन्नई द्वारा बनाया गया था, जहां इस कोच के निर्माण के बाद इसे सेवा के लिए पूर्व रेलवे को दिया गया। वर्ष 2002 से यह कोच दानापुर मंडल में सेवारत था। वर्ष 2007 में इस कोच को लिलुआ वर्कशॉप भेजा गया था जहां इसे शौचालय रहित कोच के रूप में रूपांतरित कर दिया गया था। तब से यह कोच मोकामा शटल में इस्तेमाल किया जा रहा था। सबसे अंत में यह दानापुर-तिलैया पैसेंजर ट्रेन में इस्तेमाल किया गया था तथा सितम्बर, 2019 में इसका कार्यकाल समाप्त हो चुका था।
इस अवसर पर संगठन की उपाध्यक्षा मुक्ता शर्मा, सुरिन्दर कौर रल्ह, नियती झा, आशा तिवारी, ममता वर्मा, सरिता सिन्हा, विभा शर्मा, श्रीमती वंदना, चित्रा रानी, मोनिका अग्रवाल, वाणी झा, वीणा सिंह, रिना दास, बिंदु सिंह उपस्थित थीं।

