मसौढ़ी में निर्माणाधीन मकान से युवक का शव बरामद, हत्या की आशंका, परिजनों ने लगाया आरोप
पटना। मसौढ़ी थाना क्षेत्र के न्यू माणिचक इलाके में शुक्रवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब एक निर्माणाधीन मकान से एक 24 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध अवस्था में बरामद किया गया। मृतक की पहचान माणिचक निवासी सुखदेव यादव के पुत्र जितेंद्र कुमार के रूप में की गई है। युवक का शव एक खाली प्लॉट में बनी अर्धनिर्मित चारदीवारी के अंदर पड़ा हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही कि यह मामला दुर्घटना का है या फिर युवक की हत्या कर शव को वहां फेंका गया है। कुछ लोगों का कहना था कि संभवतः जितेंद्र चारदीवारी से गिर गया होगा, जबकि कई लोगों ने इसे साजिशन हत्या करार दिया। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजने की तैयारी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि जितेंद्र कुमार विवाहित था और उसके दो छोटे बच्चे हैं। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जैसे ही घटना की खबर मिली, मृतक के परिजन और ससुराल पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की तैयारी के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हत्या का आरोप लगाने लगे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मौके पर मौजूद मसौढ़ी पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। मसौढ़ी थाना पुलिस का कहना है कि युवक की मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। इस बीच मृतक के जीजा हेमंत कुमार मंगल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जितेंद्र और उसकी पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही मृतक के ससुर मुकेश यादव और पत्नी तनु देवी, जो मसौढ़ी के मलिकाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, अस्पताल से शव को जबरन लेकर फरार हो गए। इस घटना ने मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है। जब लड़के के परिजनों को इस बात की जानकारी मिली कि शव को बिना उनकी मौजूदगी के ले जाया गया है, तो उन्होंने मसौढ़ी थाना पहुंचकर जोरदार हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि यह सब सच्चाई को छिपाने की कोशिश हो सकती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। थाना परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को संभालते हुए मसौढ़ी थाना प्रभारी विवेक भारती ने लड़की पक्ष से दूरभाष पर संपर्क किया और स्पष्ट निर्देश दिया कि लड़के के परिवार की उपस्थिति के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला कुछ हद तक शांत हुआ। इसके बाद पुलिस वाहन से मृतक के अन्य परिजनों को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पटना भेजा गया। फिलहाल इस घटना ने पूरे इलाके में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक की मौत हादसा थी या फिर सोची-समझी साजिश, इसका जवाब जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएगा। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों और तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तब तक मृतक के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद के साथ जांच प्रक्रिया पर ही भरोसा करना होगा।


