पूर्णिया में युवक ने की आत्महत्या, एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज होने पर उठाया खौफनाक कदम

  • मारपीट मामले में नामजद होने के बाद गिरफ्तारी के भय से मानसिक तनाव में था युवक
  • घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच

पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने अनुसूचित जाति–अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले के डर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों के बीच तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटना सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग जीरो माइल इलाके की बताई जा रही है। मृतक की पहचान मोहम्मद याकिब (18) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक पर हाल ही में मारपीट के एक मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के भय और मानसिक दबाव के कारण उसने यह कदम उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ज्योति शंकर और सदर थाना प्रभारी अजय कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक जांच दल को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल भेज दिया है। मृतक के परिजनों ने बताया कि होली से एक दिन पहले याकिब गुलाबबाग जीरो माइल इलाके से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों से उसकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग मौके पर जुट गए और विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया। इस झड़प में दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हो गए थे। परिजनों के अनुसार घटना के बाद दूसरे पक्ष ने 9 मार्च को सदर थाना में आवेदन देकर याकिब सहित लगभग दस लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति–अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही याकिब काफी परेशान रहने लगा था और उसे गिरफ्तारी का भय सता रहा था। मृतक के भाई मोहम्मद सफीक और मोहम्मद अकबर ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद से याकिब मानसिक रूप से बहुत दबाव में था। परिवार के अनुसार विरोधी पक्ष द्वारा मामला वापस लेने के लिए बड़ी रकम की मांग भी की जा रही थी, जिससे युवक और अधिक तनाव में आ गया था। लगातार भय और मानसिक दबाव के कारण उसने अंततः आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।इस मामले में सदर थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि मारपीट की घटना के संबंध में दूसरे पक्ष ने चोट की चिकित्सीय रिपोर्ट के साथ आवेदन दिया था, जिसके आधार पर अनुसूचित जाति–अनुसूचित जनजाति कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि युवक गिरफ्तारी और जेल जाने के भय से मानसिक तनाव में था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा।

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