February 20, 2026

पटना में कार्तिक पूर्णिमा में गंगा स्नान के दौरान नदी में डूबा युवक, पैर फिसलने से हुआ हादसा

पटना। शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। सबलपुर गंगा घाट पर स्नान करते समय राजेश नामक युवक गंगा की तेज धारा में बह गया। घटना से घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ, और गोताखोरों की टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है। तीन घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक राजेश का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। राजेश, जो सबलपुर स्थित अपने ननिहाल में प्रह्लाद यादव के घर आया हुआ था, कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान करने घाट पर गया। स्नान के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह गंगा की तेज धाराओं में बह गया। घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही नदी थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों और लोगों की मदद से युवक को ढूंढ़ने की कोशिश की जा रही है। एनडीआरएफ को भी सूचित कर दिया गया है, और उनकी टीम गंगा में गहराई तक तलाश कर रही है। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि सबलपुर गंगा घाट पर भारी भीड़ थी। कार्तिक पूर्णिमा के पवित्र दिन पर गंगा स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे। भारी भीड़ के कारण घाट पर व्यवस्थाएं चरमराई हुई थीं। राजेश जिस स्थान पर स्नान कर रहा था, वहां पत्थर और फिसलन भरे इलाके थे, जिससे उसका संतुलन बिगड़ा और वह पानी में गिर गया। राजेश के डूबने की खबर सुनकर उसके ननिहाल और घर में मातम छा गया है। परिवार के सदस्य घाट पर पहुंच चुके हैं और उसके सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं। राजेश के माता-पिता को जब घटना की जानकारी दी गई, तो वे गहरे सदमे में हैं। कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म में अत्यधिक पवित्र तिथि मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु मानते हैं कि गंगा स्नान से सभी पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी। हालांकि, प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन भीड़ की अधिकता और घाटों की स्थिति के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे हादसे प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घाटों पर लाइफ गार्ड, बैरिकेडिंग, और चेतावनी संकेत लगाने की आवश्यकता है। प्रशासन को घाटों पर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, खासकर पर्वों के दौरान। राजेश का डूबना न केवल उसके परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए दुखद घटना है। यह हादसा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर देता है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले से सीख लेकर भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। फिलहाल, सभी की प्रार्थना यही है कि राजेश सुरक्षित मिल जाए।

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