देश का नाम राजनीति में इस्तेमाल करना गलत, चिराग ने कहा- अगर चुनाव में NDA जीत जाती है तो कैसे कहेंगे की हार गया इंडिया?
पटना। विपक्ष एकता की दुसरी बैठक में विपक्षी गठबंधन के नए नाम इंडिया रखे जाने पर लोजपा (रा) के राष्टीय अध्यक्ष व जमुई सांसद चिराग पासवान ने एतराज जताया है। बता दे की आगमी 2024 के लोकसभा चुनाव में PM नरेंद्र मोदी से मुकाबला करने के लिए सभी विपक्षी पार्टियों ने गठबंधन किया है। वही विपक्षी ने अपने गठबंधन को नया नाम ‘इंडिया’ दिया है। वहीं विपक्ष के गठबंधन के नए नाम को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। सभी इस नाम को गलत बता रहे हैं। वहीं इसी कड़ी में लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का बड़ा बयान सामने आया है। चिराग ने विपक्ष के ‘इंडिया’ नाम पर एतराज जताते हुए कहा कि ‘इंडिया’ नाम से मुझे एतराज है। ‘इंडिया’ मेरे देश का नाम है, मेरा स्वाभिमान है मेरे देश का नाम। आप उसको अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। आप कैसे कहेंगे कि इंडिया से लड़ाई हो रही है। वहीं अगर कल को परिणाम आता है तो कैसे कहेंगे की इंडिया हार गई। तो देश के नाम को राजनीति में इस्तेमाल करना गलत है। चिराग पासवान ने कहा कि इन लोगों ने गठबंधन किया है PM से मुकाबला करने के लिए लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है। आने वाले चुनाव में भी नरेंद्र मोदी ही तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे इसमें कोई संदेह नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई मुकाबला नहीं है। वहीं नीतीश कुमार के अचानक पीसी को छोड़ वापस आने पर कहा कि नीतीश कुमार के यूं वापस आने से गठबंधन की दरारे स्पष्ट रुप से दिखने लगा है। नीतीश कुमार की कुछ इच्छाएं थी जो पूरी नहीं हुई है तो उनकी नाराजगी साफ तौर पर देखी जा सकती है। वही NDA की बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि NDA के 25 साल पूरे होने पर एकत्रित हुए थे। सभी दलों के साथ बैठकर आने वाले चुनाव के लिए नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तय किया गया। NDA को और अधिक मजबूत कैसे किया जाए इस पर सभी ने अपना राय दिया। मैंने खुद कहा कि बिहार में NDA 40 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। बिहार में नीतीश का अब कोई फैक्टर नहीं रह गया है। पशुपति पारस के साथ गठबंधन को लेकर चिराग ने कहा कि हम जिस परिवार से आते हैं वहां घर के सभी फैसलें घर के बड़े लेते हैं। परिवार से अलग होने का फैसला भी उन्हीं का था औऱ परिवार को एकजुट करना भी उनके ऊपर है। मुझे लगता है कि उन्होंने फैसला भी ले लिया है। उन्होंने कहा कि चाचा ने कई बार कहा है कि सूरज पश्चिम से निकल सकता है लेकिन मैं चिराग के साथ गठबंधन में शामिल नहीं हो सकता। वहीं प्रधानमंत्री के गले गलाने को अपने लिए एक खूबसूरत पल बताते हुए चिराग ने कहा कि मेरे प्रधानमंत्री और मेरे बीच के रिश्ते को कोई नहीं समझ सकता है।

