हरियाणा विधानसभा में ओलंपिक पहलवान विनेश फोगाट जीती, भाजपा ने खड़े किए सवाल
जुलाना। हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर से राज्य की राजनीतिक फिज़ा में हलचल मचा दी है। जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार और ओलंपिक पहलवान विनेश फोगाट की जीत ने खासकर ध्यान खींचा है। विनेश फोगाट की इस शानदार जीत ने न केवल कांग्रेस के पक्ष में हवा को मोड़ा है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने इस जीत पर सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी प्रश्न खड़े किए हैं। विनेश फोगाट, जो एक प्रतिष्ठित खेल हस्ती हैं, ने जुलाना विधानसभा सीट से जीत हासिल कर हरियाणा की राजनीति में अपना कदम रखा है। कांग्रेस ने उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार के रूप में पेश किया था, और उनके नाम के साथ जुड़ी लोकप्रियता ने उन्हें बड़ी संख्या में मतदाताओं का समर्थन दिलाया। विनेश की यह जीत इस बात का संकेत है कि खेल हस्तियां अब राजनीतिक मंच पर भी अपनी जगह बना रही हैं। हालांकि, भाजपा ने इस जीत पर सवाल उठाते हुए इसे चुनावी अनियमितताओं से जोड़ने की कोशिश की है। इसके अलावा, नूंह विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार आफताब अहमद और पुन्हाना से मोहम्मद इलियास ने भी जीत दर्ज की है। इस प्रकार, हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति मजबूत होती दिख रही है। कांग्रेस फिलहाल 33 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे यह स्पष्ट है कि पार्टी ने चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया है और मतदाताओं ने उसे दोबारा से समर्थन देना शुरू कर दिया है। हरियाणा की कुल 90 विधानसभा सीटों के लिए 5 अक्टूबर को हुए चुनाव में 67.90 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 1,031 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 464 निर्दलीय और 101 महिला उम्मीदवार शामिल थीं। इन चुनावी मुकाबलों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी खासा ध्यान खींचा है, जिनमें हिसार से सावित्री जिंदल प्रमुख हैं। सावित्री जिंदल की बढ़त ने राजनीतिक समीक्षकों को चौंका दिया है और यह दिखाया है कि निर्दलीय उम्मीदवार भी हरियाणा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस चुनावी जंग में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। भाजपा जहां राज्य में अपनी सत्ता को बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस भी अपना खोया हुआ किला फिर से हासिल करने के लिए मैदान में पूरी ताकत से उतरी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग पर उठाए गए सवालों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है, “अगर जयराम रमेश चुनाव आयोग पर उंगली उठा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस अपनी हार को पहले ही स्वीकार कर चुकी है।” सुधांशु त्रिवेदी के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा अभी भी चुनावी नतीजों को अपने पक्ष में मान रही है और उसे विश्वास है कि पार्टी हरियाणा में फिर से सरकार बनाने में सफल होगी। हालांकि, कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग पर सवाल उठाने और भाजपा की इस प्रतिक्रिया ने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है। भाजपा इस बात को लेकर चिंतित है कि कांग्रेस कहीं चुनावी प्रक्रिया को दोषपूर्ण साबित करने की कोशिश न करे। भाजपा का मानना है कि विनेश फोगाट की जीत पर जो सवाल खड़े किए जा रहे हैं, वे कांग्रेस द्वारा अपनी हार की भूमिका तैयार करने के लिए उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस पर कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा है कि यह जनता का निर्णय है और भाजपा को इसे स्वीकार करना चाहिए। हरियाणा विधानसभा चुनाव के ये नतीजे राज्य की राजनीति को नई दिशा देने वाले हैं। विनेश फोगाट जैसे युवा और नई पीढ़ी के नेताओं की जीत ने यह दिखाया है कि जनता अब बदलाव चाहती है और नए चेहरों को सत्ता में देखना चाहती है। अगले कुछ दिनों में मतगणना के अंतिम परिणाम सामने आ जाएंगे, जो यह तय करेंगे कि हरियाणा की सत्ता किसके हाथ में जाएगी। फिलहाल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय जनता की अदालत में है। विनेश फोगाट की जीत और भाजपा द्वारा उठाए गए सवालों ने हरियाणा की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दिया है। अब देखना यह है कि चुनावी नतीजे किस दिशा में जाते हैं और कौन राज्य की बागडोर संभालने में सफल होता है।


