विश्व स्ट्रोक दिवस विशेष : मृत्यु के कारणों में स्ट्रोक सबसे बड़ी दूसरी वजह, शुरूआती लक्षणों से बचाव में आसानी
पटना। हृदयाघात (हार्ट अटैक) की तरह स्ट्रोक भी एक गंभीर बीमारी है। भागदौड़ भरी जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति ध्यान नहीं देने से मस्तिष्क घात के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लोगों को स्ट्रोक के बारे में जागरूक करने और समय पर उपचार कराने के उद्देश्य से हर साल 29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है।
बचाव पर अधिक बल देने की जरूरत
सिविल सर्जन डॉ. विभा सिंह का कहना है कि उच्च रक्तचाप, मोटापा, अनियमित दिनचर्या, धुम्रपान, शराब का सेवन एवं अधिक तेल-घी से बना भोजन हमें स्ट्रोक की ओर ले जाता है। स्ट्रोक के उपचार की जगह इससे बचाव पर अधिक बल देने की जरूरत है। स्ट्रोक आने पर दिमाग में खून की सप्लाई रुक जाती है। इससे ब्रेन सेल्स को काफी नुकसान पहुंचता एवं कभी-कभी तो ब्रेन सेल्स मर भी जाते हंै, जिससे पैरालिसिस एवं गंभीर स्थिति में मृत्यु भी हो सकती है।
साल में लगभग 1.45 करोड़ लोग स्ट्रोक से होते हैं ग्रसित
स्ट्रोक (आघात) से कोई भी किसी भी समय पीड़ित हो सकता है। विश्व स्ट्रोक संस्थान के अनुसार, स्ट्रोक मृत्यु के कारणों में दूसरा सबसे बड़ा कारण है। विश्व भर में लगभग एक साल में लगभग 1.45 करोड़ लोग स्ट्रोक से ग्रसित होते हैं। जिसमें लगभग 55 लाख लोगों को जान भी गंवानी पड़ती है। विश्व भर में लगभग 8 करोड़ लोगों ने स्ट्रोक से जंग जीती है। 90 प्रतिशत स्ट्रोक के मामलों में बचाव संभव है। बेहतर जीवन-शैली एवं शराब सेवन से दूरी बनाकर स्ट्रोक से बचा जा सकता है।
शुरूआती लक्षणों से बचाव में आसानी
स्ट्रोक एक जटिल मेडिकल समस्या है, लेकिन स्ट्रोक के शुरूआती लक्षणों के आधार पर इससे बचाव संभव है।
– चेहरे का एक तरफ मुड़ने लगना
– किसी एक बांह में दर्द का होना
– आवाज लड़खाड़ने लगना या बोलने में तकलीफ होना
स्ट्रोक के प्रकार
इस्केमिक स्ट्रोक : यह स्ट्रोक मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति करने वाले रक्त वाहिका में बाधा के परिणामस्वरूप होते हैं। रक्त प्रवाह में बाधा रक्त के थक्के के रूप में पैदा कर सकता है। इसे सेरेब्रल थ्रोम्बोसिस कहा जाता है। सेरेब्रल थ्रोम्बोसिस का मुख्य कारण रक्त वाहिकाओं और धमनियों (एथेरोस्क्लेरोसिस) में वसा का जमना होता है।
रक्तस्रावी स्ट्रोक : रक्तस्रावी स्ट्रोक तब होता है जब एक कमजोर रक्त वाहिका टूट जाती है और मस्तिष्क में खून बहता है। रक्त बहाव आसपास के मस्तिष्क के ऊतकों पर दबाव बनाता है। यदि सही समय पर चिकित्सकीय सेवा नहीं ली जाए तब यह जानलेवा हो जाती है।


