January 7, 2026

बिहार में महिलाओं को राज्य सरकार की बड़ी सौगात, जल्द शुरू होगी वर्किंग वूमेन हॉस्टल की व्यवस्था

पटना। बिहार सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक अहम और दूरदर्शी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा योजना के तहत राज्य में कामकाजी महिलाओं के लिए विशेष वर्किंग वूमेन हॉस्टल की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, जो रोजगार के सिलसिले में अपने गृह जिले या राज्य से दूर रहकर बिहार के विभिन्न शहरों में काम कर रही हैं। सरकार का मानना है कि सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना किसी डर और चिंता के अपने करियर पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।
चयनित जिलों में बनेगा वर्किंग वूमेन हॉस्टल
सरकार ने फिलहाल राज्य के पांच प्रमुख जिलों पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर को इस योजना के लिए चुना है। इन शहरों में बड़ी संख्या में महिलाएं नौकरी और अन्य पेशेवर गतिविधियों के लिए आती हैं। महिला एवं बाल विकास निगम के माध्यम से इन छात्रावासों का संचालन किया जाएगा। प्रत्येक छात्रावास में 50 बेड की व्यवस्था होगी, ताकि सीमित संख्या में महिलाओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके। आने वाले समय में योजना के विस्तार की भी संभावना जताई जा रही है।
किराए से राहत और न्यूनतम शुल्क की व्यवस्था
इस योजना की एक बड़ी खासियत यह है कि छात्रावास में रहने के लिए किसी भी प्रकार का किराया नहीं देना होगा। महिलाओं को केवल भोजन के लिए 3000 रुपये प्रति माह का शुल्क देना होगा। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से महिलाओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। खासतौर पर नौकरी के शुरुआती दौर में महिलाओं को जो आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है, उसे कम करने में यह योजना काफी सहायक साबित होगी।
अपना घर जैसा सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल
वर्किंग वूमेन हॉस्टल को ‘अपना घर’ की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहां रहने वाली महिलाओं को ऐसा माहौल मिलेगा, जहां वे खुद को सुरक्षित और सहज महसूस कर सकें। छात्रावास में बेड, टेबल, कुर्सी, अलमारी जैसी मूल सुविधाओं के साथ 24 घंटे बिजली और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होगी। आरओ सिस्टम, साफ-सुथरे शौचालय, नियमित सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा मनोरंजन के लिए टीवी और इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए मुफ्त वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता
सरकार ने साफ किया है कि छात्रावास में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए 24 घंटे प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। प्रवेश और निकास को नियंत्रित रखने की भी व्यवस्था होगी, जिससे किसी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न हो सके। आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक प्रबंध भी किए जाएंगे।
पात्रता शर्तें और आय सीमा
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ वही महिलाएं उठा सकेंगी, जो किसी संस्थान, कार्यालय या संगठन में कार्यरत हैं। महिला की मासिक आय अधिकतम 75,000 रुपये तक होनी चाहिए। योजना का उद्देश्य मध्यम आय वर्ग की उन महिलाओं को राहत देना है, जिन्हें सुरक्षित और किफायती आवास की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। छात्रावास में प्रवेश के लिए महिला का कार्यरत होना अनिवार्य शर्त होगी।
आवेदन प्रक्रिया और चयन का तरीका
वर्किंग वूमेन हॉस्टल में प्रवेश के लिए महिलाओं को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन महिला एवं बाल विकास निगम के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया अगले माह से शुरू होने की संभावना है। आवंटन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए अंतिम चयन होगा। आवेदन के समय कार्य प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का विवरण और यदि महिला दिव्यांग है तो संबंधित प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा।
संचालन के लिए तैयार की गई व्यवस्थाएं
प्रशासन ने छात्रावास के संचालन के लिए अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली है। सभी संसाधनों और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सबसे पहले पटना के गोला रोड क्षेत्र में कामकाजी महिला छात्रावास का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके बाद अन्य चयनित जिलों में भी छात्रावासों को चालू किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सुरक्षित और किफायती आवास मिलने से महिलाएं नौकरी में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगी और अपने भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वास महसूस करेंगी। महिला एवं बाल विकास निगम की सचिव बंदना प्रेयषी ने कहा है कि यह पहल राज्य में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को मजबूत आधार प्रदान करेगी।
भविष्य में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा योजना के तहत शुरू होने वाला वर्किंग वूमेन हॉस्टल बिहार में महिलाओं के जीवन में एक नया और सकारात्मक अध्याय जोड़ने जा रहा है। यह योजना न केवल आवास की समस्या का समाधान करेगी, बल्कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का एहसास भी कराएगी। आने वाले समय में इसके विस्तार से राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा और मजबूत होने की उम्मीद की जा रही है।

You may have missed