मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में महिलाओं को मिलेंगे 2 लाख, जल्द शुरू होंगे आवेदन, बनाए गए 150 मास्टर ट्रेनर
पटना। बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण को जमीन पर उतारने के लिए एक बार फिर बड़े पैमाने पर तैयारी में जुट गई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जीविका बैंक (निधि) के तहत महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत राज्यभर की जीविका दीदियों को आसान शर्तों पर लोन देकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार ने मार्च 2026 तक 10 हजार जीविका दीदियों को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए विभागीय स्तर पर तेज़ी से काम शुरू हो चुका है।
जीविका बैंक योजना का उद्देश्य
जीविका बैंक (निधि) योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना है। इसके तहत महिलाएं नया व्यवसाय शुरू कर सकती हैं या पहले से चल रहे छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा सकती हैं। सरकार का मानना है कि यदि महिलाओं को पूंजी की उपलब्धता आसान होगी, तो वे आत्मनिर्भर बनेंगी और परिवार के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह योजना खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए वरदान मानी जा रही है, जहां रोजगार के अवसर सीमित हैं।
10 हजार दीदियों को लोन देने का लक्ष्य
जीविका विभाग ने मार्च 2026 तक 10 हजार जीविका दीदियों को लोन देने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए विभाग ने अपनी पूरी मशीनरी सक्रिय कर दी है। राज्य स्तर से लेकर जिला और प्रखंड स्तर तक कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि लोन वितरण की प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो। अधिकारियों का कहना है कि यह लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिससे हर योग्य दीदी तक योजना का लाभ पहुंच सके।
150 मास्टर ट्रेनर की तैनाती
लोन वितरण की प्रक्रिया को आसान और प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तर पर 150 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। इन मास्टर ट्रेनरों की भूमिका बेहद अहम होगी। ये प्रशिक्षक जिला और प्रखंड स्तर पर जाकर जीविका दीदियों को लोन से जुड़ी हर जानकारी देंगे। इसमें आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, लोन की शर्तें और किस्तों के भुगतान से संबंधित जानकारी शामिल होगी। इससे दीदियों को किसी भी तरह की तकनीकी या प्रक्रियागत परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया
जीविका बैंक योजना की एक बड़ी खासियत यह है कि लोन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसका फिलहाल ट्रायल चल रहा है। विभाग का कहना है कि जब तक सॉफ्टवेयर पूरी तरह से सुचारू नहीं हो जाता, तब तक आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवेदन शुरू होने के बाद दीदियों को किसी तरह की तकनीकी समस्या न झेलनी पड़े। आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही महिलाएं अपने मोबाइल फोन या नजदीकी प्रखंड कार्यालय से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी।
तीन तरह के लोन का प्रावधान
इस योजना के तहत जीविका दीदियों को तीन श्रेणियों में लोन दिया जाएगा। पहली श्रेणी में 15 हजार रुपये, दूसरी में 75 हजार रुपये और तीसरी श्रेणी में 2 लाख रुपये तक का लोन शामिल है। लोन की राशि दीदी के व्यवसाय के प्रकार, उसकी जरूरत और क्षमता के अनुसार तय की जाएगी। छोटे व्यवसाय के लिए कम राशि और बड़े या विस्तार योग्य व्यवसाय के लिए अधिक राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
तेज सत्यापन और पारदर्शी व्यवस्था
लोन के लिए आवेदन मिलने के बाद विभागीय टीम 2 से 3 दिनों के भीतर भौतिक सत्यापन करेगी। सत्यापन के दौरान दीदी के व्यवसाय, दस्तावेज और जरूरतों की जांच की जाएगी। इसके बाद लोन स्वीकृत किया जाएगा और राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया में किसी बिचौलिए की भूमिका नहीं होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी।
प्रशिक्षण से बढ़ेगा आत्मविश्वास
150 मास्टर ट्रेनरों द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल लोन दिलाना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक निर्णय लेने के लिए सक्षम बनाना भी है। दीदियों को यह बताया जाएगा कि लोन का सही उपयोग कैसे करें, व्यवसाय को कैसे आगे बढ़ाएं और समय पर किस्तों का भुगतान क्यों जरूरी है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे योजनाबद्ध तरीके से अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकेंगी।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
जीविका बैंक योजना का असर केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। जब बड़ी संख्या में महिलाएं व्यवसाय शुरू करेंगी या अपने काम का विस्तार करेंगी, तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और राज्य में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। सरकार का मानना है कि महिला सशक्तिकरण के बिना समग्र विकास संभव नहीं है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
मार्च 2026 तक 10 हजार दीदियों को लोन देने का लक्ष्य अपने आप में बड़ा और महत्वाकांक्षी है। ऑनलाइन आवेदन, तेज सत्यापन, सीधे खाते में राशि हस्तांतरण और प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों की मदद से यह योजना सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनने जा रही है। यदि योजना अपने तय लक्ष्य के अनुरूप सफल होती है, तो यह बिहार में महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन की दिशा में एक मजबूत उदाहरण के रूप में सामने आएगी।


