जब बिहार में विकास नहीं हो रहा तो समर्थन वापस क्यों नहीं लेती भाजपा : राजेश राठौड़
पटना। बिहार में भाजपा और जदयू के नेताओं के बीच चल रहे नूरा कुश्ती में राज्य का विकास अवरुद्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली नीति आयोग के रिपोर्ट के अनुसार बिहार सबसे फिसड्डी राज्य के रूप में है तो कैसे उनके छोटे भाई बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पास कर दिया जाये। ये बातें बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कही।
उन्होंने कहा कि जब नीति आयोग के रिपोर्ट के अनुसार बिहार देश में फिसड्डी साबित हो रहा है तो देश के प्रधानमंत्री कैसे पास हो जाएंगे? गलबहियां की सरकार चला रहे भाजपा और जदयू के लोग जनता को बरगलाने के लिए अपने में नूरा कुश्ती कर रहे हैं। जब इतनी ही असहमतियां हैं तो क्यों नहीं भाजपा नीतीश कुमार की सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेती है।
श्री राठौड़ ने चुटकी लेते हुए कहा कि जब 15 साल के सरकार में मलाई दोनों दल बराबर खा रहे हैं तो किसी एक को बिहार के विकास का दुश्मन कहना कैसे उचित है? दोनों दल आपस में खींचतान करके जनता को विकास के मुद्दे से ध्यान हटाने में लगे हैं, जबकि भाजपा के विधायकों की संख्या ज्यादा है तो समर्थन वापस लेकर चुनावों में जाकर नूरा कुश्ती कर लें। जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बिहार के विकास को लेकर मुख्यमंत्री को कठघरे में खड़ा करते हैं तो वे स्वयं को भी कठघरे में खड़ा बता रहे हैं।


