बिहार में मौसम अभी रहेगा ठंडा: कई जिलों में घना कोहरा, अगले सात दिनों तक राहत नहीं
- दिन में खिली धूप के बावजूद नहीं मिलेगी ठंड से राहत, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
पटना। बिहार में सर्दी का असर अभी कम होने वाला नहीं है। दिन के समय धूप खिलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है और रात होते ही कोहरा व ठंडी हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले सात दिनों तक राज्य में मौसम का यही मिजाज बना रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत बताई जा रही है।
दिन में धूप, लेकिन ठंड बरकरार
पटना सहित बिहार के कई जिलों में दोपहर के समय तेज धूप निकल रही है। इससे कुछ घंटों के लिए ठंड से राहत का एहसास जरूर होता है, लेकिन यह राहत बहुत सीमित रहती है। जैसे ही शाम ढलती है, वैसे ही ठंडी पछुआ हवाएं चलने लगती हैं और कोहरा छा जाता है। रात के समय तापमान गिरने से ठंड का असर और अधिक बढ़ जाता है। खासकर खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बीते 24 घंटे का मौसम हाल
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा 12 जनवरी 2026 को जारी दैनिक मौसम विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का मौसम शुष्क बना रहा। इस दौरान राज्य के किसी भी जिले में बारिश दर्ज नहीं की गई। हालांकि कोहरे का असर कई जिलों में साफ तौर पर देखा गया। पूर्णिया और सुपौल जिलों में अति-घने स्तर का कोहरा छाया रहा, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ।
तापमान का उतार-चढ़ाव
अधिकतम तापमान की बात करें तो राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान किशनगंज में 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम अधिकतम तापमान मुजफ्फरपुर में 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इस तरह पूरे राज्य में अधिकतम तापमान 18.6 से 24.9 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। बीते 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
न्यूनतम तापमान की स्थिति
न्यूनतम तापमान में भी हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस पूसा, समस्तीपुर में दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस तक रहा। कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद रात की ठंड में खास कमी महसूस नहीं की गई।
कोहरे का असर और दृश्यता
कोहरे के कारण दृश्यता में भारी कमी दर्ज की गई। सुपौल जिले में न्यूनतम दृश्यता महज 10 मीटर तक रिकॉर्ड की गई, जो बेहद चिंताजनक मानी जा रही है। सुबह के समय घने कोहरे की वजह से वाहन चालकों को खास दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, वहीं ट्रेनों और बसों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
आगामी सात दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक बिहार का मौसम शुष्क बना रहेगा। इस अवधि में राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से घने स्तर का कोहरा छाए रहने की संभावना है। अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। वहीं न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट की प्रवृत्ति रह सकती है, लेकिन कुल मिलाकर ठंड से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं।
ठंड के पीछे कारण
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी राज्यों तक पहुंच रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं बिहार तक आ रही हैं। यही वजह है कि जनवरी के मध्य तक भी राज्य में ठंड का प्रकोप बना हुआ है और रातें ज्यादा सर्द महसूस हो रही हैं।
स्वास्थ्य पर असर और सावधानी
लगातार ठंड और कोहरे के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचना, गर्म कपड़े पहनना और गर्म भोजन करना जरूरी बताया जा रहा है।
आम लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि कोहरे के समय वाहन चलाते हुए हेडलाइट और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। खुले में अलाव तापते समय भी सतर्क रहें। ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त ऊनी कपड़े पहनें और बच्चों को सुबह-शाम बाहर भेजने से बचें। बिहार में जनवरी के शेष दिनों तक ठंड और कोहरे का असर बना रहने वाला है। दिन में धूप भले ही कुछ राहत दे, लेकिन रात की सर्दी और सुबह का घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ाता रहेगा। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ा सहारा है।


