अप्रैल की शुरुआत में बदला मौसम का मिजाज, दिन में तपिश तो रात में बेचैनी

  • अगले चार दिनों में तापमान बढ़कर 40 डिग्री तक पहुंचने के आसार
  • पहले सप्ताह में शुष्क मौसम, दूसरे सप्ताह में फिर आंधी-बारिश के संकेत

पटना। अप्रैल महीने की शुरुआत के साथ ही बिहार में मौसम ने अचानक अपना रूप बदल लिया है। दिन में तेज धूप और बढ़ती गर्मी जहां लोगों को परेशान कर रही है, वहीं रात के समय मौसम में बदलाव एक अलग तरह की बेचैनी पैदा कर रहा है। सुबह का मौसम भले ही कुछ राहत भरा नजर आता है, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, गर्मी अपने तेवर दिखाने लगती है। मौसम के इस बदलते स्वरूप ने लोगों को हैरान कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले चार दिनों में तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। दक्षिण और मध्य बिहार के कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट के बढ़ते दायरे और वाहनों की संख्या के कारण गर्मी का प्रभाव और अधिक महसूस होगा। इस स्थिति को शहरी ताप प्रभाव कहा जाता है, जो लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। 1 अप्रैल से 6 अप्रैल तक राज्य में वर्षा की संभावना बहुत कम बताई गई है। आसमान साफ रहने के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ेंगी, जिससे गर्मी में और बढ़ोतरी होगी। हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल नजर आ सकते हैं, लेकिन वे राहत देने में सक्षम नहीं होंगे। मार्च महीने में तापमान में जो उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, अब वह समाप्त होता दिख रहा है और गर्मी अपने वास्तविक स्वरूप में सामने आने वाली है। कैमूर और उसके आसपास के क्षेत्रों में तापमान के और अधिक बढ़ने की आशंका जताई गई है। फिलहाल लू चलने की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। बुधवार, 1 अप्रैल से मौसम में स्पष्ट बदलाव देखा गया है और मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अब राज्य में शुष्क मौसम का दौर शुरू होगा। हालांकि दक्षिण और पश्चिमी जिलों के कुछ हिस्सों में मौसम के अचानक बदलने की संभावना अभी भी बनी हुई है। इसके बावजूद अप्रैल के पहले सप्ताह में अधिकांश क्षेत्रों में आसमान साफ रहने की उम्मीद है। वहीं दूसरे सप्ताह में फिर से आंधी और बारिश के लौटने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मौसम में एक बार फिर बदलाव हो सकता है। तापमान के स्तर पर भी हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। सोमवार को जहां तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, वहीं मंगलवार को इसमें गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। रोहतास जिले का डेहरी 37.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। राजधानी पटना में भी लोगों को थोड़ी राहत मिली, जहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के अन्य जिलों जैसे मुजफ्फरपुर, अररिया, कटिहार, मधुबनी और किशनगंज में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जिससे लोगों को कुछ राहत महसूस हुई। हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक रहने की संभावना नहीं है। दूसरी ओर गया, अरवल, कैमूर, रोहतास, बक्सर, नालंदा, शेखपुरा और जहानाबाद जैसे जिलों में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हाल के दिनों में मौसम की अस्थिरता भी देखने को मिली है। सीतामढ़ी में ओलावृष्टि ने लोगों को प्रभावित किया, वहीं मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और भागलपुर सहित पूर्वी बिहार के कई हिस्सों में आंधी और बारिश ने रात भर लोगों को परेशान किया। यह बदलाव इतना अचानक हुआ कि लोग तैयार भी नहीं हो सके। अप्रैल की शुरुआत ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने वाला है। फिलहाल यह केवल शुरुआती संकेत हैं और आने वाले समय में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है, ताकि बदलते मौसम के प्रभाव से खुद को सुरक्षित रखा जा सके।

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